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खेतों में जमी पाले की चादर, पारा शून्य से नीचे लुढ़का
कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 31 Dec 2013 12:04 AM IST
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कुरुक्षेत्र में रविवार और सोमवार की रात खेतों में जबरदस्त पाला पड़ा है। जबरदस्त ठंड से सब्जियों की फसल खराब होने आशंका बनी है, जबकि गेहूं की फसल के लिए यह फायदेमंद रहेगी।
पाले का सबसे ज्यादा असर टमाटर, आलू, मटर तथा फलों पर दिखाई दिया है। कृषि वैज्ञानिकों ने भी पाले से फसलें खराब होने के संकेत दिए हैं।
किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। एक तरफ जहां फसलों पर पाले का असर दिखाई दिया वहीं रास्तों पर भी बर्फ की चादर बनी हुई थी। खेतों के रास्तों पर तथा पशुओं के चारे पर सफेद रंग की बर्फ की चादर बनी हुई थी, जिससे पशुओं का चारा भी खराब हो गया।
कुरुक्षेत्र के अमीन, देविदासपुरा, बोहली बजीदपुर, ज्योतिसर, झांसा, लुखी, इस्माईलाबाद, शाहाबाद, दूधला, मसाना सहित कई गांवों में फसलें खराब होने की जानकारी मिल रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस जून ने बताया कि कई दिनों से तापमान लगातार गिर रहा है और पाला बढ़ रहा है इससे फसलें खराब होने का खतरा बन गया है। इस पाले से छोटे फलदार पौधों का काफी नुकसान होता है।
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इसके अलावा सब्जियों पर भी इसका काफी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि टमाटर, मटर, आलू पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा जो बड़े बागों में पौधे लगे हुए है उन पर भी काफी असर पड़ रहा है। किसानों को फसलें पाले से बचाने के लिए उपाय करने चाहिए।
छोटे पौधों को कूप बनाकर ढकें, नियमित रुप से सिंचाई करें, जिस दिन पाला पड़े उस दिन फसलों को पानी जरूर दें, इसके अलावा जिस दिन पाला पड़ने की संभावना हो उस दिन खेतों के चारों तरफ धुआं जरूर कर दें जिससे पाले का असर कम होगा। छोटे फलदार पौधों को सफेद कली से उनके तनों को रोपाई करनी चाहिए।
आज भी गिर सकता है तापमान
मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डॉगर ने बताया कि रविवार रात्रि और सोमवार सुबह -0.2 डिग्री सेल्सियस तापमान कुरुक्षेत्र का रहा। मंगलवार को तापमान -0.5 से भी नीचे जा सकता है।
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पाले का सबसे ज्यादा असर टमाटर, आलू, मटर तथा फलों पर दिखाई दिया है। कृषि वैज्ञानिकों ने भी पाले से फसलें खराब होने के संकेत दिए हैं।
किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। एक तरफ जहां फसलों पर पाले का असर दिखाई दिया वहीं रास्तों पर भी बर्फ की चादर बनी हुई थी। खेतों के रास्तों पर तथा पशुओं के चारे पर सफेद रंग की बर्फ की चादर बनी हुई थी, जिससे पशुओं का चारा भी खराब हो गया।
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कुरुक्षेत्र के अमीन, देविदासपुरा, बोहली बजीदपुर, ज्योतिसर, झांसा, लुखी, इस्माईलाबाद, शाहाबाद, दूधला, मसाना सहित कई गांवों में फसलें खराब होने की जानकारी मिल रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस जून ने बताया कि कई दिनों से तापमान लगातार गिर रहा है और पाला बढ़ रहा है इससे फसलें खराब होने का खतरा बन गया है। इस पाले से छोटे फलदार पौधों का काफी नुकसान होता है।
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इसके अलावा सब्जियों पर भी इसका काफी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि टमाटर, मटर, आलू पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा जो बड़े बागों में पौधे लगे हुए है उन पर भी काफी असर पड़ रहा है। किसानों को फसलें पाले से बचाने के लिए उपाय करने चाहिए।
छोटे पौधों को कूप बनाकर ढकें, नियमित रुप से सिंचाई करें, जिस दिन पाला पड़े उस दिन फसलों को पानी जरूर दें, इसके अलावा जिस दिन पाला पड़ने की संभावना हो उस दिन खेतों के चारों तरफ धुआं जरूर कर दें जिससे पाले का असर कम होगा। छोटे फलदार पौधों को सफेद कली से उनके तनों को रोपाई करनी चाहिए।
आज भी गिर सकता है तापमान
मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डॉगर ने बताया कि रविवार रात्रि और सोमवार सुबह -0.2 डिग्री सेल्सियस तापमान कुरुक्षेत्र का रहा। मंगलवार को तापमान -0.5 से भी नीचे जा सकता है।