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पर्यटन के रूप में विकसित होगा उदय सिंह का किला

Wed, 25 Dec 2013 12:06 AM IST
अमर उजाला, कैथ्ाल
अमर उजाला, कैथ्ाल Updated Wed, 25 Dec 2013 12:06 AM IST
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Fort tourism will grow as Uday Singh
कैथल में डीसी एनके सोलंकी ने मंगलवार को सनातन धर्म मंदिर के पास बन रहे भाई उदय सिंह के किले के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित कारीगरों और अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि एतिहासिक धरोहरों को सहेजने का फैसला सरकार ने किया है और इन धरोहरों के जीर्णोद्धार के लिए धन की कोई कमी नहीं है। इन धरोहरों को मुरम्मत के बाद संग्रहालय के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
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इन में प्राचीन संस्कृति को अगली पीढ़ियों को लिए संजोया जा सकता है ताकि उन्हें हमारी समृद्ध संस्कृति की जानकारी मिल सके। वर्तमान पीढ़ी को संस्कृति की तरफ प्रेरित करने के लिए भी ये धरोहर अहम साबित हो सकती है।
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किले के सामने तैयार होगा मंच
डीसी ने बताया कि किले के मुख्यद्वार के सामने एक मंच का निर्माण किया जाएगा। जहां पर विभिन्न अवसरों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजन किया जा सकेगा। किले के पश्चिम में वाहनों के लिए भव्य पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा, जिसका मुख्य द्वार भी किले की भवनशैली को प्रतिबिंबित करेगा।

किले की पूर्व में ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया जाएगा, जो विदक्यार झील के किनारे पर स्थित होगा। उन्होंने किले से पानी की निकासी के समुचित प्रबंधन करने के भी निर्देश दिए। इस किले के जीर्णोद्धार से कैथल शहर प्रदेश के मुख्य पर्यटक स्थलों में शामिल हो जाएगा। किले की मुरम्मत के बाद प्राचीन बावड़ी की भी साफ सफाई की जाएगी और उसका प्राचीन स्वरूप दोबारा विकसित किया जाएगा।

हिंदुस्तान की प्रथम महिला शासिका बेगम रजिया सुल्तान के मकबरे की भी मुरम्मत का कार्य किया जाएगा। पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्व रखने वाले कैथल शहर की समृद्ध विरासत को सहेजने का प्रयास करते हुए शहर के बीचों-बीच स्थित कैथल रियासत के अंतिम शासक के प्राचीन किले का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

प्रवेश द्वार को मुरम्मत करके उसे सुंदर बनाने का कार्य करीब पूरा है और अब उसके आसपास की दीवारों को अपने पुराने रंग में लाने के लिए इसमें उसी तरह की पुरानी ईंटें, जीरकपुर की सुरखी, चुना और गुड़ से बना शीरा उपयोग में लाया जा रहा है। इस प्राचीन किले को अपने जमाने के रंग में लाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।


इस मौके पर नगर परिषद के एसडीओ सतीश शर्मा और इस प्राचीन किले का जीर्णोद्धार करने में जुटे वहां के ठेकेदार नरेंद्र चहल और पूर्व एसडीओ नाथी राम सहित आदि संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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