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Karnal News: पहले नसीब का मारा, अब बाढ़ ने छीना आसरा
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पहले नसीब का मारा, अब बाढ़ ने छीना आसरा
बाढ़ के पानी में बेबस जिंदगानी : अपने इलाज में सारे रुपये खर्च कर चुके होमगार्ड राजिंद्र का बह गया सारा राशन, रस्क खाकर चला रहा गुजारा
- तटबंध की मरम्मत नहीं हाेने से मुस्सेपुर में हालात बदतर
-माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। दो वर्ष पहले पता चला कि बेटे के दिल में छेद है। सप्ताह में पांच दिन बेटे को डॉक्टर के पास ले जाना होता है। अब तक इलाज पर 38 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और तनख्वाह भी इलाज में ही जाती है। पहले ही हालात से परेशान होमगार्ड राजिंद्र को बाढ़ ने मुसीबतों के पहाड़ तले दबा दिया है। तरस खाकर ग्रामीणों ने एक मकान बनाकर दिया था, लेकिन मंगलवार रात समसपुर के पास तटबंध टूटने से वह भी छिन गया। अपनी व्यथा बयां करते हुए मुस्सेपुर गांव निवासी राजिंद्र का गला भर गाया। आंखें नम हो गईं।
वह बताते हैं कि मंगलवार रात 11 बजे गांव में बाढ़ आ गई। घर में पानी घुस गया। पड़ोसियों की सहायता से परिवार की जान बचाई, लेकिन घर का सारा राशन बाढ़ में बह गया। दो दिन से पड़ोसियों ने आसरा दे रखा है। हालात ये हैं कि रस्क खाकर गुजारा चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से उन तक कोई मदद नहीं पहुंची है।
पड़ोसियों की छत पर डाला बसेरा
मुस्सेपुर गांव निवासी गृहिणी सलेलता के घर में बाढ़ का पानी भरा है, काफी नुकसान हो चुका है। पड़ोसियों की मदद से जितना हो सका, घर का सामान उनकी छत पर रखवाया। अब छत भी बसेरा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन से अभी तक सहायता नहीं मिली है। इसी गांव की रहने वाली गृहिणी सुनीता का भी यही हाल है। बाढ़ के कारण सारा राशन बह गया। पड़ोसियों के सहारे दो दिनों से जिंदा हैं। पानी से भरे घर में रखे सामान को बचाने की जद्दोजहद जारी है।
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सूखे चारे से चला रहे पशुओं का काम
ग्रामीण बिशंबर ने बताया कि उसके पास 17 पशु हैं। पिछले दो दिनों से उन्हें केवल सूखा चारा ही खिला पा रहे हैं। बाढ़ के कारण वह पानी में ही खड़े हैं। वह कहते हैं कुछ दिन ऐसे ही रहा तो पशु बीमार पड़ जाएंगे।
दो गर्भवतियों व घायल दंपती को पहुंचाया अस्पताल
- हलवाना गांव में मकान ढहने से दंपती हुआ था जख्मी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। बाढ़ के पानी में डूबे गांव डेरा हलवाना और जपती छपरा में दो गर्भवतियों की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिस पर इन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही गांव हलवाना में ही एक मकान ढहने से घायल दंपती को भी अस्पताल लाया गया।
डेरा हलवाना गांव की रहने वाली शीतल गर्भवती है, वीरवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस पर ग्रामीणों ने एसडीएम अशोक कुमार से संपर्क किया। जिसके बाद गांव में एंबुलेंस भेजी गई और शीतल को इंद्री के सब डिवीजन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह जपती छपरा की रहने वाली गर्भवती आशा की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें गांव से निकालकर सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। उधर, गांव हलवाना में बाढ़ के पानी की वजह से एक मकान ढह गया। इस मकान के मलबे में दबकर अनार सिंह (50) और उसकी पत्नी अनार कौर (48) घायल हो गए। दोनों को इंद्री के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है।
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- तटबंध की मरम्मत नहीं हाेने से मुस्सेपुर में हालात बदतर
-माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। दो वर्ष पहले पता चला कि बेटे के दिल में छेद है। सप्ताह में पांच दिन बेटे को डॉक्टर के पास ले जाना होता है। अब तक इलाज पर 38 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और तनख्वाह भी इलाज में ही जाती है। पहले ही हालात से परेशान होमगार्ड राजिंद्र को बाढ़ ने मुसीबतों के पहाड़ तले दबा दिया है। तरस खाकर ग्रामीणों ने एक मकान बनाकर दिया था, लेकिन मंगलवार रात समसपुर के पास तटबंध टूटने से वह भी छिन गया। अपनी व्यथा बयां करते हुए मुस्सेपुर गांव निवासी राजिंद्र का गला भर गाया। आंखें नम हो गईं।
वह बताते हैं कि मंगलवार रात 11 बजे गांव में बाढ़ आ गई। घर में पानी घुस गया। पड़ोसियों की सहायता से परिवार की जान बचाई, लेकिन घर का सारा राशन बाढ़ में बह गया। दो दिन से पड़ोसियों ने आसरा दे रखा है। हालात ये हैं कि रस्क खाकर गुजारा चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से उन तक कोई मदद नहीं पहुंची है।
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पड़ोसियों की छत पर डाला बसेरा
मुस्सेपुर गांव निवासी गृहिणी सलेलता के घर में बाढ़ का पानी भरा है, काफी नुकसान हो चुका है। पड़ोसियों की मदद से जितना हो सका, घर का सामान उनकी छत पर रखवाया। अब छत भी बसेरा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन से अभी तक सहायता नहीं मिली है। इसी गांव की रहने वाली गृहिणी सुनीता का भी यही हाल है। बाढ़ के कारण सारा राशन बह गया। पड़ोसियों के सहारे दो दिनों से जिंदा हैं। पानी से भरे घर में रखे सामान को बचाने की जद्दोजहद जारी है।
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सूखे चारे से चला रहे पशुओं का काम
ग्रामीण बिशंबर ने बताया कि उसके पास 17 पशु हैं। पिछले दो दिनों से उन्हें केवल सूखा चारा ही खिला पा रहे हैं। बाढ़ के कारण वह पानी में ही खड़े हैं। वह कहते हैं कुछ दिन ऐसे ही रहा तो पशु बीमार पड़ जाएंगे।
दो गर्भवतियों व घायल दंपती को पहुंचाया अस्पताल
- हलवाना गांव में मकान ढहने से दंपती हुआ था जख्मी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। बाढ़ के पानी में डूबे गांव डेरा हलवाना और जपती छपरा में दो गर्भवतियों की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिस पर इन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही गांव हलवाना में ही एक मकान ढहने से घायल दंपती को भी अस्पताल लाया गया।
डेरा हलवाना गांव की रहने वाली शीतल गर्भवती है, वीरवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस पर ग्रामीणों ने एसडीएम अशोक कुमार से संपर्क किया। जिसके बाद गांव में एंबुलेंस भेजी गई और शीतल को इंद्री के सब डिवीजन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह जपती छपरा की रहने वाली गर्भवती आशा की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें गांव से निकालकर सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। उधर, गांव हलवाना में बाढ़ के पानी की वजह से एक मकान ढह गया। इस मकान के मलबे में दबकर अनार सिंह (50) और उसकी पत्नी अनार कौर (48) घायल हो गए। दोनों को इंद्री के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है।