भारत बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारी और ट्रांसपोर्ट संगठनों से बात करेगी भाकियू
- किसान भवन से रवाना हुई हरियाणा-पंजाब किसान पदयात्रा।
- शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर ने यात्रा को रवाना किया।
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तीनों कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को भी प्रदेशभर में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। 26 मार्च को भारत बंद के लिए भाकियू ने तैयारियां तेज कर दी है। भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों ने शंभू बॉर्डर पर बैठक की। इस दौरान निर्णय लिया गया है कि भारत बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारी और ट्रांसपोर्ट संगठनों से भी बातचीत की जाएगी। जिससे कि अधिक से अधिक दुकानदार, ट्रांसपोर्टर भी भारत बंद में भाग लें।
इधर, पानीपत के किसान भवन से हरियाणा की पैदल यात्रा का शुभारंभ हुआ। शहीद भगत सिंह के गांव से चली पदयात्रा 19 मार्च की रात पानीपत में ही ठहरी। शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर ने शनिवार को तिरंगा ध्वज दिखाकर पदयात्रा को सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना किया। पदयात्रा में पंजाब से आए करीब 200 से अधिक किसानों ने भाग लिया। वहीं, जींद के खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का धरना जारी है।
रेवाड़ी के खेड़ा बॉर्डर पर भी किसान धरने पर बैठे रहे। जींद स्थित चौधरी रणबीर सिंह विवि में जिला निगरानी समिति की बैठक की सूचना पर किसान यहां आने वाले नेताओं का विरोध करने पहुंचे। हालांकि प्रशासन ने बैठक को पहले ही रद्द कर दिया था। बैठक में सोनीपत, हिसार व सिरसा से भाजपा सांसदों और जिला के सभी विधायकों को पहुंचना था।
करनाल में जीटी रोड स्थित बसताड़ा टोल और करनाल-जींद स्टेट हाईवे स्थित प्यौंत टोल प्लाजा पर भी किसानों के धरने जारी रहे। दूसरी ओर बसताड़ा टोल पर तीन किसान भूख हड़ताल पर बैठे। कैथल में कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने प्रदर्शन किया। लगभग तीन माह से जींद रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर किसानों का प्रदर्शन जारी है।
इधर, पंजाब के सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर) में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब खेत मजदूर यूनियन ने शनिवार को अनाज मंडी में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान कृषि कानूनों को वापस लेने और निजीकरण की नीति को खत्म करने की मांग उठाई गई।
पूंडरी में किसानों ने की सांसद सैनी के खिलाफ नारेबाजी...
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूंडरी में सांसद नायब सिंह सैनी के कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम में पहुंचने की सूचना पर काफी संख्या में किसान पहुंच गए। सांसद सैनी का विरोध करते हुए किसानों ने नारेबाजी की और धरना दिया। सांसद सैनी के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। सांसद के जाने के बाद किसानों को छोड़ दिया।
भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना व संयुक्त किसान मोर्चा से राममेहर ढुल ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सांसद के पूंडरी हलके के हर कार्यक्रम का वे विरोध करते रहेंगे।