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Karnal News: खरीद बंद के बावजूद फसल लेकर पहुंचे किसान, मंडी जाम
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घरौंडा अधिकारी के आगे हाथ जोड़ते किसान। संवाद
निसिंग। अनाज मंडी में शुक्रवार को खरीदे गए धान का उठान कराने के लिए खरीद बंद रखी गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान फसल लेकर पहुंच गए। इससे मंडी में जाम के हालात बन गए। मंडी से सिंघड़ा-सांभली मोड़ तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गईं।
मौके पर पहुंचे मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता ने कहा कि निसिंग मंडी में करनाल जिले के किसान ही धान डाल सकते हैं। किसानों ने विरोध जताते हुए कहा कि निसिंग मंडी करनाल और कैथल की सीमा पर है। कैथल के विभिन्न गांवों के किसानों के आढ़ती भी इसी मंडी में हैं और वे वर्षों से यहां फसल बेचते आ रहे हैं।
किसान सुखदेव मान, कर्मवीर, सुमेरचंद, पवन, सुरेश, रामपाल और रामजवारी सहित अन्य ने कहा कि उनका कारोबार निसिंग मंडी से जुड़ा हुआ है। इसके बाद कुछ किसानों के गेटपास जारी करने शुरू कर दिए गए। किसानों ने बिजली न आने से पेयजल संकट होने की शिकायत भी की।
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सचिव यशपाल मेहता ने बताया कि जिले से बाहर के किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे जाम लग रहा है। उठान के लिए शुक्रवार को खरीद बंद की गई थी लेकिन अधिक किसानों के पहुंचने से उठान प्रभावित हुआ। अब तक मंडी से 60 प्रतिशत धान का उठान हुआ है। बिजली बाधित होने से भी दिक्कत आई है। पेयजल के लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है।
मूनक में खरीद और उठान की रफ्तार धीमी
मूनक। मंडी में धान की खरीद और उठान में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। नानूराम, अशोक, सुरेश, जगदीश और सुभाष ने कहा कि खरीद के बाद भी धान का समय पर उठान नहीं होने से ढेर बढ़ रहे हैं। इससे मंडी में जगह की कमी हो रही है और नई फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने खरीद एजेंसी के इंस्पेक्टर पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि गीले धान को खरीदकर लोड कराया जा रहा है, जबकि सूखा धान 15 दिन से शेड के नीचे पड़ा है। हैफेड की इंस्पेक्टर कविता शर्मा ने बताया कि अब तक 10 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है और करीब 80 प्रतिशत उठान हो चुका है।
गेट पास नहीं मिला तो कार्यालय के गेट पर उतारा धान
घरौंडा। नई अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ गेटपास, खरीद और उठान की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मंडी के भीतर वाहनों की आवाजाही बाधित है और बाहर सर्विस रोड पर जाम लग रहा है। शुक्रवार को गेटपास नहीं मिलने से नाराज गांव कोहंड निवासी किसान रणबीर ने मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट के बीच अपनी धान की फसल उतारकर रास्ता बंद कर दिया। आरोप लगाया कि पोर्टल वेरिफिकेशन के बावजूद उसे गेटपास नहीं मिला। वह कई घंटे अधिकारियों के चक्कर काटता रहा। इसी बीच डिप्टी डायरेक्टर निशांत राठी ने मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने धान खरीद के कुछ नियम बदले हैं, जिससे शुरुआत में दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब खरीद सुचारु रूप से चल रही है। निरीक्षण के दौरान करीब 50 प्रतिशत धान का उठान हो चुका था। संवाद
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मौके पर पहुंचे मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता ने कहा कि निसिंग मंडी में करनाल जिले के किसान ही धान डाल सकते हैं। किसानों ने विरोध जताते हुए कहा कि निसिंग मंडी करनाल और कैथल की सीमा पर है। कैथल के विभिन्न गांवों के किसानों के आढ़ती भी इसी मंडी में हैं और वे वर्षों से यहां फसल बेचते आ रहे हैं।
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किसान सुखदेव मान, कर्मवीर, सुमेरचंद, पवन, सुरेश, रामपाल और रामजवारी सहित अन्य ने कहा कि उनका कारोबार निसिंग मंडी से जुड़ा हुआ है। इसके बाद कुछ किसानों के गेटपास जारी करने शुरू कर दिए गए। किसानों ने बिजली न आने से पेयजल संकट होने की शिकायत भी की।
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सचिव यशपाल मेहता ने बताया कि जिले से बाहर के किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे जाम लग रहा है। उठान के लिए शुक्रवार को खरीद बंद की गई थी लेकिन अधिक किसानों के पहुंचने से उठान प्रभावित हुआ। अब तक मंडी से 60 प्रतिशत धान का उठान हुआ है। बिजली बाधित होने से भी दिक्कत आई है। पेयजल के लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है।
मूनक में खरीद और उठान की रफ्तार धीमी
मूनक। मंडी में धान की खरीद और उठान में देरी से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। नानूराम, अशोक, सुरेश, जगदीश और सुभाष ने कहा कि खरीद के बाद भी धान का समय पर उठान नहीं होने से ढेर बढ़ रहे हैं। इससे मंडी में जगह की कमी हो रही है और नई फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने खरीद एजेंसी के इंस्पेक्टर पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि गीले धान को खरीदकर लोड कराया जा रहा है, जबकि सूखा धान 15 दिन से शेड के नीचे पड़ा है। हैफेड की इंस्पेक्टर कविता शर्मा ने बताया कि अब तक 10 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है और करीब 80 प्रतिशत उठान हो चुका है।
गेट पास नहीं मिला तो कार्यालय के गेट पर उतारा धान
घरौंडा। नई अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ गेटपास, खरीद और उठान की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मंडी के भीतर वाहनों की आवाजाही बाधित है और बाहर सर्विस रोड पर जाम लग रहा है। शुक्रवार को गेटपास नहीं मिलने से नाराज गांव कोहंड निवासी किसान रणबीर ने मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट के बीच अपनी धान की फसल उतारकर रास्ता बंद कर दिया। आरोप लगाया कि पोर्टल वेरिफिकेशन के बावजूद उसे गेटपास नहीं मिला। वह कई घंटे अधिकारियों के चक्कर काटता रहा। इसी बीच डिप्टी डायरेक्टर निशांत राठी ने मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने धान खरीद के कुछ नियम बदले हैं, जिससे शुरुआत में दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब खरीद सुचारु रूप से चल रही है। निरीक्षण के दौरान करीब 50 प्रतिशत धान का उठान हो चुका था। संवाद

घरौंडा अधिकारी के आगे हाथ जोड़ते किसान। संवाद

घरौंडा अधिकारी के आगे हाथ जोड़ते किसान। संवाद

घरौंडा अधिकारी के आगे हाथ जोड़ते किसान। संवाद