{"_id":"73b521f98af9172c653c25435968c56f","slug":"english-surprised-to-see-a-bull","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोल्हू का बैल देखकर अंग्रेज हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोल्हू का बैल देखकर अंग्रेज हैरान
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 24 Oct 2013 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित धरोहर हरियाणा संग्रहालय का बुधवार को स्टगार्ट जर्मनी से आए हुए डेलिगेशन ने अवलोकन किया।
संग्रहालय के प्रभारी डॉ. महा सिंह पूनिया ने बताया कि स्टेफन और उलरेके के नेतृत्व में 35 विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल धरोहर हरियाणा संग्रहालय पहुंचा और उन्होंने हरियाणावी संस्कृति से रूबरू होने के लिए संग्रहालय के दोनों भागों का अवलोकन किया।
जर्मनी के विद्यार्थी हरियाणवी बुतों तो देखकर हैरान रह गए। उन्होंने संग्रहालय में युद्ध नायक हरियाणवी वाद्यवृंद, घेर, खेतीबाड़ी, परिवहन के साधन, रसोई आदि भागों का अवलोकन तो किया।
इसके अलावा संग्रहालय के भाग दो का भी अवलोकन किया। कोल्हू में जुड़े हुए बैलों को देखकर जर्मनी के विद्यार्थी हैरान हो गए। उन्होंने क्यूरेटर से कोल्हू की प्रक्रिया के विषय में विस्तार से जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त उन्होंने हरियाणा के प्राचीन परिवहन के साधनों के विषय में भी विस्तार से जानकारी हासिल की। स्टगार्ट जर्मनी के विद्यार्थी हरियाणवी काम धंधों से भी रूबरू हुए और इस डेलिगेशन ने धरोहर हरियाणा संग्रहालय में दो घंटे का समय लगाकर हरियाणा से जुड़े हुए तथ्यों के बारे में गहनता से जानकारी हासिल की।
जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों उलरेक और स्टेफन ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीडीएस संधू और विश्वविद्यालय परिवार का धरोहर में स्वागत करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर संग्रहालय के प्रभारी डॉ. महा सिंह पूनिया ने प्रतिनिधिमंडल को यादगार स्वरूप एक धरोहर के साहित्य की किट भी प्रदान की।
विज्ञापन
संग्रहालय के प्रभारी डॉ. महा सिंह पूनिया ने बताया कि स्टेफन और उलरेके के नेतृत्व में 35 विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल धरोहर हरियाणा संग्रहालय पहुंचा और उन्होंने हरियाणावी संस्कृति से रूबरू होने के लिए संग्रहालय के दोनों भागों का अवलोकन किया।
जर्मनी के विद्यार्थी हरियाणवी बुतों तो देखकर हैरान रह गए। उन्होंने संग्रहालय में युद्ध नायक हरियाणवी वाद्यवृंद, घेर, खेतीबाड़ी, परिवहन के साधन, रसोई आदि भागों का अवलोकन तो किया।
विज्ञापन
इसके अलावा संग्रहालय के भाग दो का भी अवलोकन किया। कोल्हू में जुड़े हुए बैलों को देखकर जर्मनी के विद्यार्थी हैरान हो गए। उन्होंने क्यूरेटर से कोल्हू की प्रक्रिया के विषय में विस्तार से जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त उन्होंने हरियाणा के प्राचीन परिवहन के साधनों के विषय में भी विस्तार से जानकारी हासिल की। स्टगार्ट जर्मनी के विद्यार्थी हरियाणवी काम धंधों से भी रूबरू हुए और इस डेलिगेशन ने धरोहर हरियाणा संग्रहालय में दो घंटे का समय लगाकर हरियाणा से जुड़े हुए तथ्यों के बारे में गहनता से जानकारी हासिल की।
जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों उलरेक और स्टेफन ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीडीएस संधू और विश्वविद्यालय परिवार का धरोहर में स्वागत करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर संग्रहालय के प्रभारी डॉ. महा सिंह पूनिया ने प्रतिनिधिमंडल को यादगार स्वरूप एक धरोहर के साहित्य की किट भी प्रदान की।