फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   electric cut, karnal electric cut, people upset, karnal, electric, karnal

अघोषित कटों ने छीना लोगों का चैन

Mon, 27 Jun 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Mon, 27 Jun 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
electric cut, karnal electric cut, people upset, karnal, electric, karnal
अघोषित कटों ने छीना लोगों का चैन - फोटो : अमर उजाला

गर्मी और उमस के आमजन परेशान है। ऐसे में पंखा, कूलर और एसी ही लोगों को राहत देते हैं। लेकिन बिजली खपत बढ़ने के साथ ही जिले के ज्यादातर फीडर ओवरलोड हो गए हैं तथा ट्रांसफार्मर भी जवाब देने लगे हैं। इसी वजह से हर दो घंटे बाद शहर में एक से डेढ़ घंटे तक के अघोषित कट लग रहे हैं। ग्रीष्मकालीन छुट्टियां मना रहे बच्चों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी और तपिश की वजह से जहां घरों से बाहर निकलना मुश्किल है, वहीं बिजली कटों की वजह से घरों में भी सुकून नहीं मिल रहा है। बिजली निगम की ओर से गर्मी के सीजन से पहले पर्याप्त बिजली मुहैया कराने के दावे किए थे, लेकिन हालात में इस बार भी कोई सुधार नहीं है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


50 लाख यूनिट प्रतिदिन बढ़ी बिजली खपत
घरों में चल रहे एसी और कूलरों की वजह से ही एक माह में ही जिले में बिजली की खपत प्रतिदिन 50 लाख यूनिट बढ़ गई है। मई में बिजली की औसतन खपत 85 लाख यूनिट प्रतिदिन रही, लेकिन अब 50 लाख यूनिट के इजाफे के साथ 1.35 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो गई है। जिले के ज्यादातर फीडर ओवरलोड होने की वजह से बार-बार बंद हो रहे हैं। इससे शहर में हर दो घंटे बाद बिजली कट लग रहे हैं। भीषण गर्मी ने जहां लोगों का चैन छीन लिया है, वहीं बिजली कटों ने उनका सुकून छीन लिया है। यही नहीं बिजली की सही आपूर्ति न होने से किसानों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। धान रोपाई की तैयारियों में जुटे किसानों को पर्याप्त बिजली न मिलने से धान की रोपाई का काम धीमा हो गया है। इसके अलावा, धान की रोपाई के बाद खेतों पानी पूरा करना भी मुश्किल हो गया है, पानी के अभाव में लगाई गई धान भी सूखने लगी है।
विज्ञापन


शहर की इन कॉलोनियों में हो रही परेशानी
शहर की ज्यादातर कॉलोनियों में ओवरलोडिंग के चलते हर दो घंटे बाद बिजली के अघोषिट कट लग रहे हैं, शहर में बिजली कटों की सबसे अधिक समस्या लाइन पार क्षेत्र की कॉलोनियों, ज्योति नगर, रामनगर, शांतिनगर, कृष्णानगर, प्रेमनगर, कृष्णा नगर, शिव कालोनी, रेलवे कॉलोनी, रेलवे रोड व जुंडला गेट, मीरा घाटी चौक, नवल्टी रोड आदि शहर की बाहरी कॉलोनियों में बिजली कटों के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को लाइनपार क्षेत्र की करीब आधा दर्जन कॉलोनियों सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर को एक बजे तक बिजली कट रहा। इसके अलावा शहर की अन्य पाश इलाकों में भी हर दो घंटे बाद करीब 15 मिनट से आधा घंटा लंबे कट लगे। इससे लोगों को गर्मी से बेहाल होना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिजली के अभाव में सिंचाई प्रभावित
अच्छी बरसात की उम्मीदों के साथ धान की रोपाई करने में जुटे किसानों पर बिजली निगम की अधूरी तैयारियां भारी पड़ रही हैं। मौसम विभाग ने इस बार अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई है। इसलिए किसानों ने इस बार धान का रकबा बढ़ाने को निर्णय लिया है, लेकिन किसानों को दिए जाने वाले आठ घंटों के बिजली शेड्यूल में लग रहे कटों की वजह से सिंचाई कार्य पूरा नहीं हो रहा है। बिजली के बिना धान की रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है। जिले के कई गांव रसूलपुर, डबरकी, नगला मेघा, रंबा, दरड़ व बड़ा आदि गांव किसानों द्वारा लगाई गई धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है।

कंडम ढांचे से बिगड़े हालात
बिजली निगम द्वारा आज से करीब 20 वर्ष पहले जो लाइनें खड़ी की थी, उस समय उन लाइनों पर लोड कम था। लेकिन समय के साथ बढ़ी बिजली की मांग को पूरा करने के लिए निगम द्वारा ट्रांसफार्मर की क्षमता तो बढ़ा दी, लेकिन तारों को नहीं बदला गया। अब बरसों पुरानी जर्जर तारें जरूरत का लोड नहीं उठा पा रही हैं। इसी वजह से आए दिन बिजली कटों की वजह से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सात सौ फीडरों पर चार लाख उपभोक्ता परेशान
जिले में बिजली निगम के करीब चार लाख उपभोक्ता हैं। जिन्हें निगम की ओर से सात सौ फीडरों के माध्यम से बिजली मुहैया कराई जा रही है, लेकिन जिले का ऐसा कोई भी फीडर नहीं है जो ओवरलोड न हो। ओवरलोडिंग के चलते बार-बार लगने वाले कटों से चार लाख उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। निगम के पास अभी तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं है।

वर्जन
गर्मी की वजह से जिले में बिजली की खपत बढ़ गई है। कई फीडर ओवरलोड होने की वजह से बिजली कट लग रहे हैं, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए फाल्ट को ठीक करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। जो 24 घंटे की ड्यूटी पर हैं, किसानों को भी निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बिजली मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।

- जेके कांबोज, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम करनाल।

वर्जन
हर सीजन में किसानों के साथ ऐसा होता है। कर्ज लेकर किसान धान लगा रहा है, लेकिन बिजली निगम ने बिजली सप्लाई उपलब्ध कराने को लेकर कोई तैयारी नहीं है। अगर एक सप्ताह में बिजली सप्लाई सुचारू नहीं की तो भाकियू आंदोलन करेगी।
रत्न मान, भाकियू, प्रदेशाध्यक्ष।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed