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संभलकर पीएं पानी, असंध में छह सैंपल फेल, बिगड़ सकती है सेहत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 02:07 AM IST
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Drink water carefully, six samples fail in Assandh, health may deteriorate
राकेश चौहान
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करनाल। कई इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। जिससे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि असंध क्षेत्र में पानी के छह सैंपल फेल पाए गए हैं। जिसमें क्लोरीन की मात्रा सबसे अधिक मिली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले माह ये सैंपल लिए गए थे। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सप्लाई किए जाने वाले पेयजल में क्लोरीन की मात्रा अधिक है, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
करनाल शहर के कई इलाकों में भी गंदे पानी की समस्या बरकरार है। बीते दिनों शैदपुरा के बाशिंदे घरों में हो रही गंदे पानी की आपूर्ति को दिखाने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंच गए थे। राजीव कॉलोनी में भी गंदे पानी की समस्या खत्म नहीं हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर महीने पूरे जिले में पानी के सैंपल लिए जाते हैं जिसमें हर महीने किसी न किसी क्षेत्र में पानी के सैंपल फेल पाए जाते हैं। कहीं क्लोरीन की मात्रा अधिक होती है तो कहीं पानी में कीटाणु मिलते हैं। जन स्वास्थ्य विभाग को इस पर गंभीरता बरतने की जरूरत है।
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करनाल नगर निगम क्षेत्र में करीब 144 ट्यूबवेल और तीन बूस्टर स्टेशन हैं। जहां से शहर में पेयजल घरों में सप्लाई किया जाता है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार जिले में करीब 586 ट्यूबवेल और आठ बूस्टर स्टेशन हैं। जहां से शहर के आसपास ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल सप्लाई किया जाता है। संवाद
यहां के सैंपल हुए फेल
- नगर पालिका ऑफिस असंध
- जेसी कॉलेज असंध
- बिजली निगम दफ्तर असंध
- पुरानी अनाज मंडी असंध
- सब्जी मंडी असंध
- बस स्टैंड के समीप असंध
हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियाें की आशंका
नागरिक अस्पताल के मेडिसन विभाग के डॉ. ओपी सैनी ने बताया कि गंदा पानी पीने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। जिनमें बुखार, उल्टी, दस्त, हैजा, टाइफाइड, पीलिया आदि शामिल हैं। यदि पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा है तो दंत रोग हो सकता है। उल्टी हो सकती है। इसलिए साफ पानी पीना चाहिए।
विभाग की टीमें हर महीने जिले में पानी के सैंपल लेती है। असंध क्षेत्र में पानी के छह सैंपल हाइपर क्लोरीनेटेड पाए गए हैं। संबंधित विभाग को लिखा गया है। जनवरी में 130 सैंपल लिए गए थे।

- डॉ. योगेश शर्मा, सीएमओ, करनाल
बरसात के समय क्लोरीन की मात्रा बढ़ा दी जाती है इस कारण क्लोरीन की मात्रा अधिक पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्यूबवेल के समीप के घरों से सैंपल लिए जाते हैं। इस कारण क्लोरीन की मात्रा अधिक मिलती है।
प्रशांत कुमार, एक्सईन, जन स्वास्थ्य विभाग करनाल
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