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पाले से 35 सौ एकड़ खड़ी टमाटर की फसल बर्बाद

Sun, 05 Jan 2014 12:03 AM IST
करनाल
करनाल Updated Sun, 05 Jan 2014 12:03 AM IST
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dew And cold destroys tammato
लगातार बढ़ रही ठंड और पाले ने टमाटर की फसल को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। इलाके में करीब 35 सौ एकड़ में टमाटर की फसल पाले की वजह से सूख चुकी है।
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किसान फसल की तैयारी में भारी खर्चा करने के बाद अब खुद को लूटा महसूस कर रहा है। सरकार से किसी तरह की कोई राहत की उम्मीद किसानों को नहीं है, क्योंकि पिछले वर्ष भी टमाटर पर पाले की मार पड़ी थी। तब भी राजा कर्ण सब्जी उत्पादक संघ के नेतृत्व में टमाटर उत्पादक किसानों ने मुआवजे के लिए फरियाद की, लेकिन किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिली। इस बार टमाटर के भाव अधिक होने के कारण टमाटर का क्षेत्र 3500 एकड़ से भी बढ़ गया।
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बढ़ सकते हैं दाम
अब टमाटर की फसल तैयार होने को थी और इसी उम्मीद पर आम उपभोक्ता भी उम्मीद लगा रहा था कि टमाटर के दाम कम हो जाएंगे,  लेकिन पाले ने जिले में टमाटर की फसल को सूखा दिया है। राजस्थान का टमाटर पहले ही खत्म हो चुका है, हिमाचल के टमाटर बर्फ की भेंट चढ़ गया है। इसके बाद अब मात्र हरियाणा को ही नहीं पूरे भारत को टमाटर के लिए केवल पधाना या आसपास के गांवों से उम्मीद थी।
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लेकिन यहां भी फसल बर्बाद होने से एक बार फिर से टमाटर के भाव आसमान पर पहुंचेंगे। किसानों की समस्या जानने के लिए राष्ट्रीय टपरीवास एवं मुक्त जाति संघ के अध्यक्ष इनेलो मलखान सिंह कलसी ने टमाटर उत्पादन क्षेत्र का विस्तृत दौरा किया टमाटर उत्पादकों की समस्याएं सुनीं और मांग कि कि सरकार पाले से खराब हुई टमाटर की गिरदावरी करवाए और 70 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे।


 इस मौके पर किसान महिंद्र सिंह, तेजपाल, रमेश, रविंद्र कुमार, ओमप्रकाश, सुरजीत सिंह, प्रीतम सिंह, कंवरपाल राणा और जसमेर सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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