बच्चों को दाखिला न मिलने पर अभिभावकों ने की नारेबाजी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल जिले के घरौंडा कस्बे में नियम 134-ए के तहत दाखिला न मिलने और प्राइवेट स्कूलों के बंद होने से अभिभावकों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में अभिभावक एकता मंच की बैठक स्थानीय हर्बल पार्क में हुई। इसकी अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता राजबीर झिंवरेहड़ी ने की। बैठक में मंगलवार को शहर में प्रदर्शन कर खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया गया। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल संचालक बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अगर सरकार ने इनके खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया तो वे उग्र प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
सोमवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता राजबीर झिंवरेहड़ी, शीशपाल, उदय, रजनीश, प्रदीप कैमला, बलराज, सुंदर लाल, मनोज, दीपक आदि का कहना है कि धारा 134-ए आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में अच्छी शिक्षा का हक प्रदान करती है, लेकिन प्राईवेट स्कूलों के संचालकों को गरीब परिवारों के बच्चों को मिलने वाला यह 10 प्रतिशत लाभ भी रास नही आ रहा। निजी स्कूलों की लड़ाई सरकार से है, ऐसे में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना न्याय संगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्राईवेट स्कूल धारा 134-ए के विरोध में पिछले चार दिन से स्कूल बंद किए बैठे है। इससे न सिर्फ दाखिला पात्र बच्चों को, अपितु स्कूल में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को भी नुकसान पहुंच रहा है। अभिभावक एकता मंच ने मंगलवार को शहर में रोष प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का भी मन बनाया है। अभिभावकों का कहना है कि यदि सरकार ने 11 मई तक उनकी मांगों को नही माना तो वे उग्र प्रदर्शन शुरू कर देंगे।