फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   cought 260 quintal paddy

सीएमआर:राइस मिल पर छापामारा, 260 क्विंटल धान जब्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2020 02:47 AM IST
विज्ञापन
cought 260 quintal paddy
धान खरीद बंद होने के बाद राइस मिलर्स ने भी सीएमआर की आपूर्ति तेज कर दी है, लेकिन इसके साथ-साथ यूपी बिहार आदि राज्यों से सस्ता धान व चावल खरीद कर सीएमआर की पूर्ति के प्रयास तेज हो गए हैं। इन्हीं पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा हैफेड के अधिकारियों की टीम ने कैथल रोड स्थित एक राइस मिल पर रेड की है। यहां यूपी के हरदोई जिले से मंगाया गया 260 क्विंटल धान मिला है। संबंधित अभिलेखों को अधिकारियों ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से राइस मिल संचालकों में खलबली मच गई है।
विज्ञापन

करनाल जिले के करीब 339 राइस मिलों ने सीएमआर के लिए सरकारी धान लिया है। हरियाणा सरकार ने इस बार काफी हद तक पोर्टल के जरिये पंजीकरण की व्यवस्था को लागू करके हरियाणा के बाहरी राज्यों से खरीदे जाने वाले सस्ते धान की खरीद पर रोक लगाई है, लेकिन अब राइस मिलर्स ने निजी चावल व्यवसाय को जरिया बनाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश आदि कई राज्यों से सस्ता धान व सस्ता चावल खरीदना शुरू कर दिया है। इसी सस्ते चावल से सीएमआर की सरकार को आपूर्ति करके राइस मिलर्स करोड़ों का मुनाफा हर साल कमाते रहे हैं, इस बार भी ऐसा ही किया जा रहा है। इससे पहले भी बाहरी राज्यों से आए कई ट्रक पकड़े जा चुके हैं। शुक्रवार को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी व हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश वैद ने अपनी टीम के साथ कैथल रोड स्थित जय दुर्गा फूड्स राइस मिल पर छापा मारा। यह राइस मिल हैफेड के साथ सीएमआर का कार्य करता है। डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि मौके पर 260 क्विंटल धान मिला है, जिसे उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से मंगाकर सस्ते में खरीदा गया है। इसके चावल की सीएमआर में आपूर्ति किए जाने की संभावना है। मौके पर राइस मिल संचालक ने वहीं पुरानी बात कही कि उसने यह धान अपने निजी चावल व्यवसाय के लिए खरीदा है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

जब भी किसी राइस मिल में हरियाणा से बाहर के राज्यों का चावल या धान पकड़ा जाता है, तब राइस मिलर्स यही कहते हैं कि उन्होंने अपने निजी व्यवसाय के लिए मंगाया है। लेकिन अब सभी राइस मिलर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह सीएमआर व निजी चावल व्यवसाय के लिए अलग-अलग रिकार्ड बनाएंगे। प्राइवेट स्टॉक अलग रखेंगे। अन्यथा संबंधित राइस मिल को ब्लैक लिस्टेड करते हुए संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

-निशांत राठी, डीएफएससी करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed