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पांच गांवों के चकबंदी पीड़ितों ने काटा बवाल

Wed, 04 Jun 2014 12:15 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल Updated Wed, 04 Jun 2014 12:15 AM IST
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घरौंड़ा क्षेत्र के चकबंदी पीड़ित पांच गांवाें के किसानों ने मंगलवार को
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जिला सचिवालय परिसर में जमकर बवाल काटा। किसानों ने अधिकारियों और सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।

पीड़ित किसानों ने खुले तौर पर कहा कि अधिकारी और सरकार किसानों को न्याय नहीं दिलाना चाहते हैं। वह उन लोगों को निरंतर गुमराह करने में लगे हैं। पीड़ित किसानों ने अधिकारियों के समझाने बुझाने पर 18 दिन का समय इस मामले को सुलझाने के लिए दिया है।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी मामला नहीं सुलझाया गया तो वे बीवी बच्चों के साथ दोबारा दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने साथ में जिला सचिवालय में ही आत्मदाह या आत्महत्या करने की धमकी भी दी है। इससे पहले प्रशासन ने ग्रामीणों को तीन जून की तारीख फैसले के लिए दी थी।

निर्धारित तारीख पर वे सचिवालय फैसला सुनने आए थे, लेकिन फिर उन्हें 20 जून की अगली तारीख थमा दी गई।
मंगलवार को गांव कालरम निवासी प्रदीप कालरम, सतीश कालरम, राजबल भरतपुर, नकलीराम भरतपुर, महीपाल, नरेंद्र कुमार, सुनील चोपड़ा, अनिल कुमार, ईश्वर सिंह व बलवान समेत पांच गांवाें में शामिल कालरम, अराईपुरा, भरतपुर, लालूपुरा व अमृतपर कलां के सैकड़ों किसान जिला सचिवालय पहुंचे।

किसानों ने न्याय नहीं मिलने के विरोध में सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में वह लोग एडीसी गिरीश अरोड़ा, डीआरओ अशोक मलिक, एसडीएम सुशील सारवान, तहसीलदार हरीओम अत्री, एसीओ सुंदरपाल को मिले। इन लोगों ने कुछ दिन का समय और मांगा तो किसान बिफर पडे़।

किसान कमरे से बाहर जाने लगे तो दोबारा उन्हें बिठाया गया और किसी भी हालत में 20 जून तक इस मामले को निपटा देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने किसानों से 20 दिन का समय और मांगा है।
पीड़ित किसानों में शामिल प्रदीप कालरम समेत काफी किसानों ने कहा कि वह लोग न्याय लेकर रहेंगे। किसी भी हालत में अपने हकों पर डाका नहीं पड़ने देंगे।

20 जून को उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह लोग दोबारा बीवी-बच्चों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। वह लोग न्याय नहीं मिलने की सूरत में जिला सचिवालय परिसर पर में आत्मदाह या आत्महत्या भी कर सकते हैं।

दूसरी ओर इस मामले में दूसरे पक्ष के लोगों में शामिल जिले सिंह पूर्व सरपंच, राजकुमार राणा,  मेंबर पंचायत सूरजभान, पूर्व सरपंच बलजीत सिंह, गांव अमृतपुर कलां के सरपंच कर्ण सिंह ने कहा कि छह जून को रोहतक मंडल के आयुक्त करनाल आएंगे। उनके समक्ष पूरा मामला रखा जाएगा। दूसरा पक्ष सुप्रीम कोर्ट तक हार चुका है। वह लोग न्याय चाहते हैं।  


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