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स्कूल में जाना बच्चों के लिए मुसीबत बना
कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 18 Dec 2013 12:04 AM IST
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हरियाणा सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर जहां बडे़-बड़े दावे कर रही है, वहीं इन दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। बाबैन के गांव मंगौली जट्टान के स्कूल में इस कड़ाके की ठंड में बच्चों को जाना एक पहाड़ बना हुआ है, क्योंकि स्कूल में जाने के लिए रास्ते में खड़े पानी के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों को राजकीय सीनियर सेकेंडरीस्कूल मंगौली जट्टान में जाने के लिए इस कड़ाके की ठंड में पैरों से जूते जुराबें निकालकर नंगे पाव गंदे पानी से गुजर कर जाना पड़ता है।
छात्रा प्रियंका देवी, सोनिया, नेहा, कविता, तनु व छात्र गुरदीप, कमल, रोहित, सौरव व अन्य बच्चों का कहना है कि कई बार स्कूल में जाने के लिए पानी से गुजरते समय वे पानी में गिर चुके हैं और कई बार तो उनकी किताबें पानी में गिरने के कारण दोबारा किताबें खरीदनी पड़ी है।
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बच्चों का कहना है कि इस गंदे पानी से गुजरने के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और कुछ बच्चों के पैर भी खराब हो चुके हैं। बच्चों ने बताया कि इस गंदे पानी से गुजरने के बाद स्कूल में चले जाने के बाद पैरों में से गंदी बदबू आती है जोे बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में बाधा बनी हुई है। बच्चों का कहना है की गंदे पानी से गुजरते समय सांप व अन्य जीव जंतुओं के काटने का डर बना रहता है।
उन्होंने सरकार से मांग की है की स्कूल जाने वाले रास्ते को पक्का किया जाए ताकि स्कूल में जाने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। स्कूल के अध्यापकों का कहना है कि बच्चों को इस पानी से गुजर कर स्कूल में आना पड़ता कई बार तो बच्चे पानी में भी गिर जाते हैं और अध्यापकों को भी इस गंदे पानी से गुजर कर आना पड़ता है जोकि एक मुसीबत बनी है।
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बच्चों को राजकीय सीनियर सेकेंडरीस्कूल मंगौली जट्टान में जाने के लिए इस कड़ाके की ठंड में पैरों से जूते जुराबें निकालकर नंगे पाव गंदे पानी से गुजर कर जाना पड़ता है।
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छात्रा प्रियंका देवी, सोनिया, नेहा, कविता, तनु व छात्र गुरदीप, कमल, रोहित, सौरव व अन्य बच्चों का कहना है कि कई बार स्कूल में जाने के लिए पानी से गुजरते समय वे पानी में गिर चुके हैं और कई बार तो उनकी किताबें पानी में गिरने के कारण दोबारा किताबें खरीदनी पड़ी है।
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बच्चों का कहना है कि इस गंदे पानी से गुजरने के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और कुछ बच्चों के पैर भी खराब हो चुके हैं। बच्चों ने बताया कि इस गंदे पानी से गुजरने के बाद स्कूल में चले जाने के बाद पैरों में से गंदी बदबू आती है जोे बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में बाधा बनी हुई है। बच्चों का कहना है की गंदे पानी से गुजरते समय सांप व अन्य जीव जंतुओं के काटने का डर बना रहता है।
उन्होंने सरकार से मांग की है की स्कूल जाने वाले रास्ते को पक्का किया जाए ताकि स्कूल में जाने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। स्कूल के अध्यापकों का कहना है कि बच्चों को इस पानी से गुजर कर स्कूल में आना पड़ता कई बार तो बच्चे पानी में भी गिर जाते हैं और अध्यापकों को भी इस गंदे पानी से गुजर कर आना पड़ता है जोकि एक मुसीबत बनी है।