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गुरुओं को पक्का करवाने मोमबत्तियां लेकर विद्यार्थी
कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 16 Feb 2014 01:09 AM IST
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इस्माईलाबाद में अतिथि अध्यापकों ने विद्यार्थियों के साथ कैंडल मार्च निकाल कर सरकार के प्रति अपना रोष प्रकट किया है।
अतिथि अध्यापिका ममता कोमल, शालिनी गांधी, मनप्रीत, मीनू, सविता, अंजु, रेखा, शशी, बलजिंद्र कौर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से अतिथि अध्यापक सरकारी स्कूलों में कार्य कर रहे हैं।
अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति के बाद ही सरकारी स्कूलों में रौनक आई थी। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापिका राजरानी के शहीदी दिवस 7 सितम्बर 2008 के बाद सरकार ने उन्हें नियमित करने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने अपने वादे को अभी तक पूरा नहीं किया है।
इसको लेकर अतिथि अध्यापकों में खासा रोष है। इसको लेकर ही 11 अतिथि अध्यापक सात दिनों से जंतर मंतर दिल्ली में आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसके बावजूद सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी खबर लेने नहीं गया। इससे सरकार की संवेदनहीनता साफ दिखाई देती है।
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अतिथि अध्यापक अपनी मांगों को लेकर राहुल गांधी से भी मिले। लेकिन वहां भी उन्हें मात्र आश्वासन ही मिला। उन्होंने मांग की है कि सरकार उनके काम को देखते हुए जल्द कोई पॉलिसी बनाकर उन्हें नियमित करे। ताकि उनका शोषण बंद हो सके।
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अतिथि अध्यापिका ममता कोमल, शालिनी गांधी, मनप्रीत, मीनू, सविता, अंजु, रेखा, शशी, बलजिंद्र कौर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से अतिथि अध्यापक सरकारी स्कूलों में कार्य कर रहे हैं।
अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति के बाद ही सरकारी स्कूलों में रौनक आई थी। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापिका राजरानी के शहीदी दिवस 7 सितम्बर 2008 के बाद सरकार ने उन्हें नियमित करने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने अपने वादे को अभी तक पूरा नहीं किया है।
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इसको लेकर अतिथि अध्यापकों में खासा रोष है। इसको लेकर ही 11 अतिथि अध्यापक सात दिनों से जंतर मंतर दिल्ली में आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसके बावजूद सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी खबर लेने नहीं गया। इससे सरकार की संवेदनहीनता साफ दिखाई देती है।
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अतिथि अध्यापक अपनी मांगों को लेकर राहुल गांधी से भी मिले। लेकिन वहां भी उन्हें मात्र आश्वासन ही मिला। उन्होंने मांग की है कि सरकार उनके काम को देखते हुए जल्द कोई पॉलिसी बनाकर उन्हें नियमित करे। ताकि उनका शोषण बंद हो सके।