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‘पहले आरोपियों की गिरफ्तारी, फिर होगा संस्कार’
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Mon, 10 Feb 2014 08:13 PM IST
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अंतरजातीय प्रेम विवाह में अपनी पत्नी के धोखे और पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाले अखिल चौहान का दूसरे दिन भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
परिजनों ने अखिल का शव लेने से मना कर दिया और कहा कि जब तक एक-एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वे न तो शव लेंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे।
सोमवार को भारी संख्या में अखिल पक्ष और रोड़ बिरादरी के लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस से लेकर सचिवालय तक रोष जुलूस निकाला। लघु सचिवालय पर सैकड़ों लोगों ने पुलिस प्रशासन को अखिल का कातिल बताते आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
मामले में प्रशासन और मृतक के परिजनों की कमेटी की कई दौर की वार्ता भी विफल रही। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, इस मामले में आरोपी पुलिस अधिकारी फरार चल रहे हैं।
अखिल चौहान सुसाइड मामले में दूसरे दिन प्रशासन और पुलिस अधिकारी मृतक के परिजनों पर संस्कार के बाद मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कहते रहे। आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं होने पर मृतक के परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
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सोमवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर भारी संख्या में परिजन और समाज के लोग एकत्रित हो गए। ये लोग आरोपी पुलिस अधिकारियों समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अडे़ थे।
इसके बाद नाराज लोग कल्पना चावला मेडिकल कालेज से जुलूस की शक्ल में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर चल पडे़।
मुगल कैनाल पुलिया के समीप एसडीएम मुकुल कुमार ने इन लोगों से बातचीत की पेशकश की, परंतु लोग डीसी और एसपी से बात करने की मांग कर रहे थे। लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।
मामले की गंभीरता को देखते डीसी बलराज सिंह और एसपी अभिषेक गर्ग प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए उनके बीच आए। इन लोगों ने प्रशासन को इस मामले पर खूब-खरी खोटी सुनाई।
प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। सभी आरोपी 15 फरवरी तक काबू कर लिए जाएंगे। प्रशासन के आग्रह को ठुकराते परिजनों ने गिरफ्तारी तक संस्कार नहीं करने की बात की। इस मौके पर भारी संख्या में पुरुष और महिला पुलिस बल तैनात था।
कमेटी की बातचीत नहीं चढ़ी सिरे
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से फिर से बातचीत का न्योता दिया गया। प्रशासन से बातचीत के लिए दस लोगों की कमेटी गठित की गई, जिसमें रितेश चौधरी, नरेश, बलवान, किशन, रामकुमार कल्याण, सुरजीत, सुभाष सहित दस लोगों को शामिल किया गया।
डीसी और एसपी की मौजूदगी में काफी देर तक चली वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके पश्चात एसपी अभिषेक गर्ग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और लोगों से बातचीत की अपील की, परंतु लोगों से बात करने से मना कर दिया।
आप नेताओं की उतरवाई टोपियां
आम आदमी पार्टी की टोपियां डालकर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे जिला इकाई के पदाधिकारियों से वहां पर मौजूद लोग नाराज हो गए।
परिजनों का कहना था कि इस मामले में वह राजनीति नहीं घुसने देंगे। उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते आप पदाधिकारियों ने टोपियां उतारकर जेब में डाल ली।
यह था मामला
पत्नी के परिजनों, वकील और पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर सेक्टर सात के अखिल चौहान ने शनिवार को जहर पी लिया था। इसके पश्चात रविवार को एक निजी अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था।
मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिस पर उसकी पत्नी के परिजनों, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, एक इंस्पेक्टर, एक एएसआई और वकील पर आत्महत्या का जिम्मेदार बताया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते आनन-फानन में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। परिजन इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मृतक का संस्कार करने की मांग पर अडे़ हैं।
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परिजनों ने अखिल का शव लेने से मना कर दिया और कहा कि जब तक एक-एक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वे न तो शव लेंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे।
सोमवार को भारी संख्या में अखिल पक्ष और रोड़ बिरादरी के लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस से लेकर सचिवालय तक रोष जुलूस निकाला। लघु सचिवालय पर सैकड़ों लोगों ने पुलिस प्रशासन को अखिल का कातिल बताते आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
मामले में प्रशासन और मृतक के परिजनों की कमेटी की कई दौर की वार्ता भी विफल रही। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, इस मामले में आरोपी पुलिस अधिकारी फरार चल रहे हैं।
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अखिल चौहान सुसाइड मामले में दूसरे दिन प्रशासन और पुलिस अधिकारी मृतक के परिजनों पर संस्कार के बाद मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कहते रहे। आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं होने पर मृतक के परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
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सोमवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर भारी संख्या में परिजन और समाज के लोग एकत्रित हो गए। ये लोग आरोपी पुलिस अधिकारियों समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अडे़ थे।
इसके बाद नाराज लोग कल्पना चावला मेडिकल कालेज से जुलूस की शक्ल में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर चल पडे़।
मुगल कैनाल पुलिया के समीप एसडीएम मुकुल कुमार ने इन लोगों से बातचीत की पेशकश की, परंतु लोग डीसी और एसपी से बात करने की मांग कर रहे थे। लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।
मामले की गंभीरता को देखते डीसी बलराज सिंह और एसपी अभिषेक गर्ग प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए उनके बीच आए। इन लोगों ने प्रशासन को इस मामले पर खूब-खरी खोटी सुनाई।
प्रशासन ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। सभी आरोपी 15 फरवरी तक काबू कर लिए जाएंगे। प्रशासन के आग्रह को ठुकराते परिजनों ने गिरफ्तारी तक संस्कार नहीं करने की बात की। इस मौके पर भारी संख्या में पुरुष और महिला पुलिस बल तैनात था।
कमेटी की बातचीत नहीं चढ़ी सिरे
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से फिर से बातचीत का न्योता दिया गया। प्रशासन से बातचीत के लिए दस लोगों की कमेटी गठित की गई, जिसमें रितेश चौधरी, नरेश, बलवान, किशन, रामकुमार कल्याण, सुरजीत, सुभाष सहित दस लोगों को शामिल किया गया।
डीसी और एसपी की मौजूदगी में काफी देर तक चली वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके पश्चात एसपी अभिषेक गर्ग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और लोगों से बातचीत की अपील की, परंतु लोगों से बात करने से मना कर दिया।
आप नेताओं की उतरवाई टोपियां
आम आदमी पार्टी की टोपियां डालकर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे जिला इकाई के पदाधिकारियों से वहां पर मौजूद लोग नाराज हो गए।
परिजनों का कहना था कि इस मामले में वह राजनीति नहीं घुसने देंगे। उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते आप पदाधिकारियों ने टोपियां उतारकर जेब में डाल ली।
यह था मामला
पत्नी के परिजनों, वकील और पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर सेक्टर सात के अखिल चौहान ने शनिवार को जहर पी लिया था। इसके पश्चात रविवार को एक निजी अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था।
मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था जिस पर उसकी पत्नी के परिजनों, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, एक इंस्पेक्टर, एक एएसआई और वकील पर आत्महत्या का जिम्मेदार बताया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते आनन-फानन में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। परिजन इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मृतक का संस्कार करने की मांग पर अडे़ हैं।