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दिन में छाया कोहरा और आधी रात को भूकंप से डोली कर्णनगरी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मौसम के बदले मिजाज से बुधवार को दिनभर कर्णनगरी कोहरे की जद में रही वहीं मध्यरात्रि 1:58 बजे भूकंप के झटके से हिल गई। हालांकि अधिकतर लोग इस दौरान नींद में थे मगर बस अड्डे, रेलवे स्टेशन व मध्यरात्रि तक चलने वाले अन्य कार्यस्थलों पर मौजूद लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। हालांकि इस दौरान किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है। लेकिन ये झटके कुछ सेंकेंड तक महसूस किए जाते रहे। इस दौरान लोगों ने फोन कर अपने परिजनों का हालचाल पूछकर वहां भी भूकंप के संबंध में जानकारी ली। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है।
मंगलवार को स्मॉक का आलम ये रहा कि चंद्र ग्रहण से पहले दोपहर को भी सूर्य को खुली आंखों से नहीं देखा जा सका। शाम होने से पहले ही चालकों को अपने वाहनों की लाइटें जलाकर चलना पड़ा। वहीं, करनाल का हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई। एक्यूआई का औसत स्तर 228 तक चला गया।
मौसम वैज्ञानिकों ने पहले ही पूर्वानुमान बताया था कि सात नवंबर से मौसम में बदलाव दिखेगा। एनडीआरआई की जिला कृषि मौसम सेवा के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। जिसके कारण मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर पूर्वी हवाएं चलने से ज्यादातर क्षेत्रों में बादलवाई की भी आशंका उत्पन्न हो गई है। नौ नवंबर को कुछ स्थानों पर मौसम खराब रह सकता है। तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 10 नवंबर से हवाओं की दिशा में बदलाव हो सकता है। हवाओं का रुख उत्तर पूर्वी से पश्चिमी हो सकता है। जिससे रात्रि के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इधर, स्मॉग तो कई दिनों से दिख रहा है लेकिन मंगलवार को स्मॉग अधिक रहा। पूरे दिन धुंध जैसी स्थिति बनी रही। हवाओं की गति धीमी रहने के कारण इनमें ठहराव भी रहा। दिन के समय में भी सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत असरदार नहीं दिखी। शाम भी अपेक्षाकृत जल्दी हो गई, जिससे समय से पहले ही मुख्य मार्गों पर वाहन चालकों को लाइटें जलानी पड़ी। इधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार को एक्यूआई का औसत स्तर 228 तक चला गया था, हालांकि शाम को इसमें सुधार देखा गया है। दिनभर जो स्मॉग की स्थिति रही वह मंौसम में बदलाव के कारण बनी है।
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करनाल। मौसम के बदले मिजाज से बुधवार को दिनभर कर्णनगरी कोहरे की जद में रही वहीं मध्यरात्रि 1:58 बजे भूकंप के झटके से हिल गई। हालांकि अधिकतर लोग इस दौरान नींद में थे मगर बस अड्डे, रेलवे स्टेशन व मध्यरात्रि तक चलने वाले अन्य कार्यस्थलों पर मौजूद लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। हालांकि इस दौरान किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है। लेकिन ये झटके कुछ सेंकेंड तक महसूस किए जाते रहे। इस दौरान लोगों ने फोन कर अपने परिजनों का हालचाल पूछकर वहां भी भूकंप के संबंध में जानकारी ली। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है।
मंगलवार को स्मॉक का आलम ये रहा कि चंद्र ग्रहण से पहले दोपहर को भी सूर्य को खुली आंखों से नहीं देखा जा सका। शाम होने से पहले ही चालकों को अपने वाहनों की लाइटें जलाकर चलना पड़ा। वहीं, करनाल का हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई। एक्यूआई का औसत स्तर 228 तक चला गया।
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मौसम वैज्ञानिकों ने पहले ही पूर्वानुमान बताया था कि सात नवंबर से मौसम में बदलाव दिखेगा। एनडीआरआई की जिला कृषि मौसम सेवा के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। जिसके कारण मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर पूर्वी हवाएं चलने से ज्यादातर क्षेत्रों में बादलवाई की भी आशंका उत्पन्न हो गई है। नौ नवंबर को कुछ स्थानों पर मौसम खराब रह सकता है। तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 10 नवंबर से हवाओं की दिशा में बदलाव हो सकता है। हवाओं का रुख उत्तर पूर्वी से पश्चिमी हो सकता है। जिससे रात्रि के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इधर, स्मॉग तो कई दिनों से दिख रहा है लेकिन मंगलवार को स्मॉग अधिक रहा। पूरे दिन धुंध जैसी स्थिति बनी रही। हवाओं की गति धीमी रहने के कारण इनमें ठहराव भी रहा। दिन के समय में भी सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत असरदार नहीं दिखी। शाम भी अपेक्षाकृत जल्दी हो गई, जिससे समय से पहले ही मुख्य मार्गों पर वाहन चालकों को लाइटें जलानी पड़ी। इधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार को एक्यूआई का औसत स्तर 228 तक चला गया था, हालांकि शाम को इसमें सुधार देखा गया है। दिनभर जो स्मॉग की स्थिति रही वह मंौसम में बदलाव के कारण बनी है।
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