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Karnal News: अंशुल कांबोज ने पहले मैच में झटके दो विकेट
Sat, 12 Oct 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 12 Oct 2024 04:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। करनाल के ऑलराउंडर अंशुल कांबोज ने रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में प्रथम दिन दो विकेट झटके। उन्होंने नौ ओवर में मात्र 17 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट लिए। ट्रॉफी का पहला मैच रोहतक के चौधरी बंसी लाल स्टेडियम में बिहार की टीम के साथ हुआ।
इससे पूर्व भी रणजी ट्रॉफी में अंशुल ने बेहतर प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। मात्र 23 साल के तेज गेंदबाज अंशुल कांबोज अपनी बेहतर गेंदबाजी के कारण प्रतिद्वंदी टीम पर भारी पड़ते है। उन्होंने दिलीप ट्रॉफी में भी इंडिया सी की ओर से खेलते हुए इंडिया बी टीम के खिलाफ 69 रन देकर आठ विकेट लिए थे। यह टूर्नामेंट में उनका आज तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
उनके मुख्य कोच सतीश राणा ने बताया कि बेंगलुरु में आयोजित ट्रॉफी में पांच पारी में 16 विकेट लिए थे उस दौरान उनका औसत 17.12 रहा।
अंशुल तेज गेंदबाजी के साथ-साथ 140 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करते है। वह गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी बेहतर योगदान देते है। अंशुल के इस प्रदर्शन की बदौलत उनके भारतीय टीम में चयन के रास्ते भी खुलते नजर आ रहे है।
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इस ट्रॉफी में वह हरियाणा टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी है। अंशुल कांबोज ने अब तक हरियाणा व देश के लिए चार आयु वर्ग 14, 16, 19 व 23 में विभिन्न क्रिकेट मुकाबले खेले है। अंशुल ने पिछले वर्ष विजय हजारे ट्रॉफी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 17 विकेट झटके थे। कोच सतीश का कहना है कि अंशुल रणजी ट्रॉफी में भी अपना शत प्रतिशत योगदान देने के लिए तैयार है।
कोच सतीश ने बताया कि अंशुल सदी हुई विकेट टू विकेट गेंदबाजी करते है। यदि बल्लेबाज उनकी गेंद पर शॉट लगाते हुए चुकता है तो बॉल सीधा विकेट पर जाकर ही लगती है। इसी तरह बेहतर फिल्डर भी है और बल्लेबाज भी है। शुरुआती या मध्यम क्रम में खेलकर भी वह अपनी टीम को बेहतर स्कोर खड़ा करने व स्कोर को चेस करने की काबिलियत भी रखते है।
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करनाल। करनाल के ऑलराउंडर अंशुल कांबोज ने रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में प्रथम दिन दो विकेट झटके। उन्होंने नौ ओवर में मात्र 17 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट लिए। ट्रॉफी का पहला मैच रोहतक के चौधरी बंसी लाल स्टेडियम में बिहार की टीम के साथ हुआ।
इससे पूर्व भी रणजी ट्रॉफी में अंशुल ने बेहतर प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। मात्र 23 साल के तेज गेंदबाज अंशुल कांबोज अपनी बेहतर गेंदबाजी के कारण प्रतिद्वंदी टीम पर भारी पड़ते है। उन्होंने दिलीप ट्रॉफी में भी इंडिया सी की ओर से खेलते हुए इंडिया बी टीम के खिलाफ 69 रन देकर आठ विकेट लिए थे। यह टूर्नामेंट में उनका आज तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
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उनके मुख्य कोच सतीश राणा ने बताया कि बेंगलुरु में आयोजित ट्रॉफी में पांच पारी में 16 विकेट लिए थे उस दौरान उनका औसत 17.12 रहा।
अंशुल तेज गेंदबाजी के साथ-साथ 140 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करते है। वह गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी बेहतर योगदान देते है। अंशुल के इस प्रदर्शन की बदौलत उनके भारतीय टीम में चयन के रास्ते भी खुलते नजर आ रहे है।
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इस ट्रॉफी में वह हरियाणा टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी है। अंशुल कांबोज ने अब तक हरियाणा व देश के लिए चार आयु वर्ग 14, 16, 19 व 23 में विभिन्न क्रिकेट मुकाबले खेले है। अंशुल ने पिछले वर्ष विजय हजारे ट्रॉफी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 17 विकेट झटके थे। कोच सतीश का कहना है कि अंशुल रणजी ट्रॉफी में भी अपना शत प्रतिशत योगदान देने के लिए तैयार है।
कोच सतीश ने बताया कि अंशुल सदी हुई विकेट टू विकेट गेंदबाजी करते है। यदि बल्लेबाज उनकी गेंद पर शॉट लगाते हुए चुकता है तो बॉल सीधा विकेट पर जाकर ही लगती है। इसी तरह बेहतर फिल्डर भी है और बल्लेबाज भी है। शुरुआती या मध्यम क्रम में खेलकर भी वह अपनी टीम को बेहतर स्कोर खड़ा करने व स्कोर को चेस करने की काबिलियत भी रखते है।