न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं बेटियां
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प्रदेश सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे लगाकर समाज से खूब वाहवाही लूट रही है। लेकिन न्याय के लिए दर-दर भटकती बेटियों की तरफ सरकार व प्रशासनिक अधिकारियाें का कोई ध्यान नहीं है। इतना ही नहीं जब ये बेटियां अपना दर्द सुनाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास जाते हैं तो वहां भी पुलिस उनको नहीं पहुंचने देती। न्याय की आस लगाए आई इन बेटियों को यहां से भी निराशा ही हाथ लगी और लाख कोशिश के बावजूद वे सीएम तक अधिकारियों की कारगुजारी नहीं बता सकी। हां, उन्हीं अधिकारियों ने उनको आश्वासन जरूर दिया, जो कुछ दिन पहले तक उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं थे। आश्वासन पर वे मान भी गई, लेकिन देर शाम तक दोनों ही मामलों में कोई ठोक कार्रवाई नहीं हुई। बेटियों का कहना है कि वे अब किसी भी पुलिस अधिकारी से नहीं मिलेंगी, बल्कि सीएम के सामने ही अपना दुखड़ा सुनाएंगी। अगर उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तो वे सीएम के आवास के बाहर धरने पर बैठ जाएंगी।
केस नंबर-1ः पुलिस ने रोका, एसपी ने दिया आश्वासन
नलीपार राजकीय हाई स्कूल के मृतक हेडमास्टर वेदप्रकाश की बेटी वर्षा बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पंचायत भवन में सीएम से मिलने पहुंची। जब इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को मिली तो पुलिस कर्मियों ने उसे सीएम से मिलने ही नहीं दिया। युवती के बार-बार सीएम से मिलने की अपील पर भी पुलिस नहीं पसीजी और उन्हें वहां जाने से रोक दिया। स्थिति न बिगड़े इसके लिए करनाल के अतिरिक्त प्रभारी एसपी सुमित कुमार ने उसे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करवाने का आश्वासन दिया। वर्षा ने बताया कि वह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इससे पहले भी कई बार एसपी व डीएसपी से शिकायत कर चुकी हैं। लेकिन मामला दर्ज होने के ढाई माह बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है, जबकि पुलिस ने मरते समय उनके पिता से ब्यान दर्ज किए थे। उसके बाद भी अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने कहा यदि पुलिस ने अब आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो शहर में आमरण अनशन पर बैठेगी। गौरतलब है कि छह जनवरी को वेदप्रकाश ने आत्महत्या की थी और इस मामले में पुलिस ने पांच शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था। तीन माह बीत जाने के बाद भी एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
केस नंबर 2 ः करनाल के एक सेक्टर निवासी महिला ने दस दिन पहले कुछ आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके साथ हुए धोखे और किए गए रेप के मामले में एक केस और सिविल लाइन में दर्ज है। केस वापस लेने के लिए अब आरोपी उसे धमकी दे रहे हैं और उसकी अश्लील वीडियो व्हाट्सअप और फेसबुक पर डालने की धमकी दे रहे हैं। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। महिला का आरोप है कि वह सभी पुलिस अधिकारियों के मिल चुकी है, लेकिन उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। तीन अप्रैल को भी वह सीएम से मिलने के लिए गई थी, लेकिन उसे रोक दिया। आज फिर वह पंचायत भवन में सीएम को अपनी दास्तां सुनाने गई तो पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। सीएम से मिलने पहुंची महिला से डीएसपी ने बात की और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। महिला का कहना है कि वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करा कर ही दम लेगी, चाहे इसके लिए उसे धरना देना पड़े।