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हॉस्टल में सुविधाओं के लिए केयू छात्राओं का धरना

Fri, 22 Mar 2013 05:33 AM IST
Karnal
Karnal Updated Fri, 22 Mar 2013 05:33 AM IST
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कुुरुक्षेत्र। सुविधाओं की कमी के चलते बुधवार देर रात बारह बजे केयू के गर्ल हॉस्टलों की छात्राओं ने जमकर बवाल काटा और वीरवार देर शाम वीसी आवास पर धरना देकर रोष व्यक्त किया। 24 घंटे के भीतर हॉस्टल की छात्राएं दो बार भड़कीं और केयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पहला प्रदर्शन बुधवार आधी रात को 12 बजे शुरू हुआ। रात को ही सैकड़ों छात्राओं ने हॉस्टल में नारेबाजी की। हालांकि पहले रात को ही वीसी आवास का घेराव करने की योजना बनी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों और गेट से बाहर नहीं आने देने की वजह से रात को वीसी आवास पर प्रदर्शन संभव नहीं हुआ और वीरवार देर शाम को छात्राओं ने वीसी आवास पर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। छात्राओं द्वारा कुलपति आवास पर धरने की सूचना मिलते ही चीफ वार्डन और केयू प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। काफी समझाए जाने के बावजूद छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं और कुलपति डॉ. डीडीएस संधू के आश्वासन के बाद ही धरने से उठने की बात रखी। लेकिन कुलपति डॉ. डीडीएस संधू बाहर होने के कारण वहां नहीं पहुंचे थे। उनकी गैरमौजूदगी में केयू के रजिस्ट्रार ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं का उनकी मांगों को कुलपति के संज्ञान में लाकर हल कराने का आश्वासन दिया है। इस आश्वासन के बाद छात्राएं नारे लगाते हुए हॉस्टलों में वापस पहुंची। केयू के गर्ल हॉस्टलों में चार हजार छात्राएं रह रही हैं। अपनी मांगों को लेकर छात्राएं पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुकी हैं।
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बैनरों पर दिखे ये स्लोगन
छात्राएं धरना स्थल पर ‘अबकी होली आजादी के संग’, ‘हंगामा खड़ा करना हमारा मकसद नहीं’, ‘हमारी कोशिश है कि आजादी मिलनी चाहिए’, ‘वो वक्त करीब आ पहुंचा है, अब तानाशाहों की खैर नहीं, अब वक्त हमारा है’, जैसे स्लोगन बैनरों पर लिखकर वीसी आवास पर प्रदर्शन करते हुए पहुंची थीं। छह बजे के बाद छात्राओं का हॉस्टल के मुख्य गेट से बाहर आने पर मनाही है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
-दूसरे गर्ल्स हॉस्टलों में आवाजाही पर पाबंदी हटाई जाए।
-रीडिंग रूम की समयावधि बढ़ाई जाए
-गर्ल्स हॉस्टल परिसर में बड़ा पुस्तकालय विकसित किया जाए
-गर्ल्स हॉस्टल के कमरों में क्षमता के अनुसार छात्राओं के ठहरने की व्यवस्था लागू हो

ये है गुस्से का कारण
केयू में 12 गर्ल्स हॉस्टल हैं, इनमें रहने वाली छात्राओं को अपने हॉस्टल से दूसरे गर्ल्स हॉस्टल में नौ बजे के बाद जाने की मनाही है। हॉस्टल के लगभग सभी कमरों में क्षमता से अधिक छात्राओं को ठहराया गया है। रीडिंग रूम में नौ बजे के बाद एंट्री नहीं है, इसलिए गर्ल्स हॉस्टल परिसर में बड़े पुस्तकालय को स्थापित करने की मांग की हो रही है।
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कल वीसी के समक्ष रखी जाएगी मांगें : चीफ वार्डन
केयू गर्ल्स हॉस्टल की चीफ वार्डन प्रोफेसर डॉ. आशू शौकीन ने बताया कि छात्राओं की मांगें रजिस्ट्रार डॉ. एमके जैन द्वारा सुनी गई थी और इन मांगों को कुलपति डॉ. डीडीएस संधू के समक्ष शुक्रवार को रखा जाएगा।
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