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बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिला प्रधान सहित 93 कर्मचारियों पर मामला दर्ज, पुलिस गिरफ्तार करने गई तो हुई नोक झोक
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों एसोसिएशन की जिला प्रधान सहित करीब 93 कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज हो चुका है। सीएमओ डॉ. अश्विनी ने एस्मा के तहत हड़ताल पर गए कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए डीसी व एसपी को पत्र भेजा था। इससे पहले, सीएमओ द्वारा इन कर्मचारियों को नोटिस भी भेजा गया था। मामला दर्ज होने पर शुक्रवार को सिविल लाइन थाना प्रभारी राजबीर यादव कर्मचारियों को गिरफ्तार कर ने के लिए धरना स्थल पर पहुंचा और उन्हें धरना स्थल से उठाने का प्रयास किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों की पुलिस के साथ नोक-झोंक हो गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए पुलिस को स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मियों को गिरफ्तार करने की बजाय 400 कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के लिए कह दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों को हिरासत में लेना है तो सभी कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार है अन्यथा यहां से एक भी कर्मचारी नहीं जाएगा। इसके चलते पुलिस को वहां से खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। पुलिस ने एसोसिएशन की जिला प्रधान निर्मला देवी एमपीएचएस (फिमेल), अंजू मोर एमपीएचडब्ल्यू (फिमेल) राज्य कमेटी मेंबर, सुभाष चंद एमपीएचएस (मेल) जिला प्रधान करनाल, जोगिंद्र सिंह एमपीएचएस (मेल) पूर्व जिला प्रधान करनाल सहित 93 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार को 12वें दिन भी अपने मांगों को लेकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के कर्मचारियों ने धरना जारी रखा और जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। स्वास्थ्य कर्मियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा काफी लंबे समय से अपनी मांगों को लागू करवाने को लेकर प्रयासरत्त है, लेकिन इस बारे में काफी बार निजी तौर पर महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा से भी मिल चुके हैं। इसके अलावा एसोसिएशन द्वारा बीती 15 जुलाई को सीएम सिटी करनाल में रोष प्रदर्शन भी किया गया था, जिसके उपरांत 23 जुलाई को मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल द्वारा एसोसिएशन के साथ मीटिं करते हुए तीन दिन के अंदर दोबारा वित्त विभाग व हेल्थ कमिश्नर के साथ मीटिंग करवाते हुए मांगों की अधिसूचना करवाने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। इस अवसर पर पूर्व राज्य प्रधान लाजवन्ती, संजीव, भरपाई, सुरेंद्र पाढ़ा, सुभाष खोखर, सतीश, सुनीता एलएचवी, बलविंद्र, ओमसिंह संधू, कौशल्या, अनीता, सुरेश आदि उपस्थित रहे।
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करनाल। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों एसोसिएशन की जिला प्रधान सहित करीब 93 कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज हो चुका है। सीएमओ डॉ. अश्विनी ने एस्मा के तहत हड़ताल पर गए कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए डीसी व एसपी को पत्र भेजा था। इससे पहले, सीएमओ द्वारा इन कर्मचारियों को नोटिस भी भेजा गया था। मामला दर्ज होने पर शुक्रवार को सिविल लाइन थाना प्रभारी राजबीर यादव कर्मचारियों को गिरफ्तार कर ने के लिए धरना स्थल पर पहुंचा और उन्हें धरना स्थल से उठाने का प्रयास किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों की पुलिस के साथ नोक-झोंक हो गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए पुलिस को स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मियों को गिरफ्तार करने की बजाय 400 कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के लिए कह दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों को हिरासत में लेना है तो सभी कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार है अन्यथा यहां से एक भी कर्मचारी नहीं जाएगा। इसके चलते पुलिस को वहां से खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। पुलिस ने एसोसिएशन की जिला प्रधान निर्मला देवी एमपीएचएस (फिमेल), अंजू मोर एमपीएचडब्ल्यू (फिमेल) राज्य कमेटी मेंबर, सुभाष चंद एमपीएचएस (मेल) जिला प्रधान करनाल, जोगिंद्र सिंह एमपीएचएस (मेल) पूर्व जिला प्रधान करनाल सहित 93 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार को 12वें दिन भी अपने मांगों को लेकर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के कर्मचारियों ने धरना जारी रखा और जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। स्वास्थ्य कर्मियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा काफी लंबे समय से अपनी मांगों को लागू करवाने को लेकर प्रयासरत्त है, लेकिन इस बारे में काफी बार निजी तौर पर महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा से भी मिल चुके हैं। इसके अलावा एसोसिएशन द्वारा बीती 15 जुलाई को सीएम सिटी करनाल में रोष प्रदर्शन भी किया गया था, जिसके उपरांत 23 जुलाई को मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल द्वारा एसोसिएशन के साथ मीटिं करते हुए तीन दिन के अंदर दोबारा वित्त विभाग व हेल्थ कमिश्नर के साथ मीटिंग करवाते हुए मांगों की अधिसूचना करवाने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। इस अवसर पर पूर्व राज्य प्रधान लाजवन्ती, संजीव, भरपाई, सुरेंद्र पाढ़ा, सुभाष खोखर, सतीश, सुनीता एलएचवी, बलविंद्र, ओमसिंह संधू, कौशल्या, अनीता, सुरेश आदि उपस्थित रहे।
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