{"_id":"a5146b93e692581b6ac946d14fd8a04c","slug":"35-thousand-consumer-cooperative-bank-defaulters","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी बैंकों के 35 हजार उपभोक्ता डिफाल्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी बैंकों के 35 हजार उपभोक्ता डिफाल्टर
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Tue, 14 Jan 2014 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दी करनाल सहकारी बैंक लिमिटेड में हरियाणा भंडारण निगम की अध्यक्ष एवं विधायक सुमिता सिंह ने बताया कि जिले में सहकारी बैंकों में करीब 35 हजार उपभोक्ता डिफाल्टर की सूची में हैं। इनको सरकार की स्कीम से करीब 50 करोड़ रुपये तक का लाभ मिल सकता है।
सरकार की ओर से अन्य व्यक्तिगत ऋणों की अदायगी के लिए भी ओटीएस स्कीम लागू है। इसके अंर्तगत ऋणधारकों को ब्याज में छूट दी जाती है। कोई भी व्यक्ति इस कल्याणकारी स्कीम का लाभ 31 मार्च 2014 तक उठा सकता है।
वे दी करनाल सहकारी बैंक लिमिटेड में होम लोन स्कीम की शुरूआत करने के बाद बातचीत कर रही थीं। प्रदेश के सहकारी क्षेत्र में होम लोन सुविधा देने वाला यह पहला बैंक होगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सहकारी बैंकों से कर्जा लिए हुए लोगों के लिए जो घोषणा की थी, उस घोषणा के अनुसार कोई भी डिफाल्टर अपनी राशि के कुल ब्याज का 50 प्रतिशत भरकर अपने खाते को साफ कर सकता है।
इस स्कीम का लाभ 28 फरवरी 2014 तक लिया जा सकता है। उन्होंने सहकारी बैंक से जुडे़ कर्मचारी और अधिकारियों से कहा कि वह बैंक की स्कीमों का अधिक से अधिक प्रचार करें।
बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र मेहरा ने बैंक की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि जो सहकारी बैंक द्वारा होम लोन दिया जाएगा। उसका ब्याज अन्य बैंकों से कम होगा। इसके लिए कोई फाइल चार्ज नहीं है। राष्ट्रीय बैंकों की तर्ज पर करनाल सहकारी बैंक में सभी प्रकार के ऋण दिए जाते हैं।
4 करोड़ लाभ कमाने का अनुमान
दूसरे बैंकों की तर्ज पर बैंक में ऑनलाइन सुविधा है। ग्राहकों की सेवा के लिए बैंक में लाकर्ज की सुविधा है। पिछले वर्ष बैंक ने 2 करोड़ 25 लाख रुपए का लाभ कमाया था। इस वर्ष 4 करोड़ रुपए लाभ कमाने का अनुमान है।
बैंक ने 190 स्वयं सहायता समूह बनाए हैं, जिनको 50 लाख रुपए से अधिक ऋण दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बैंक के साथ 53 कृषि सहकारी समितियां जुड़ी हुई हैं, जिनके 218734 सदस्य हैं।
यह समितियां अपने सदस्यों को 4 प्रतिशत की दर पर तथा अन्य ऋण जैसे छोटे दुकानदारों, ग्रामीण दस्तकारों, मजदूरों व गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को ऋण प्रदान करती है। वर्तमान में इन समितियों ने 660 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण ग्राहकों को दिए हैं।
इस अवसर पर एमडीडी बाल भवन के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर पार्षद सुदेश गुलाटी, बंसीलाल सचदेवा, कांग्रेसी नेता अशोक खुराना, बैंक के पूर्व चैयरमेन तेजबीर सिंह, एमडीडी बाल भवन के प्रबंधक पीआर नाथ सहित भारी संख्या में बैंक के कर्मचारी व अधिकारी तथा युनियन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
विज्ञापन
सरकार की ओर से अन्य व्यक्तिगत ऋणों की अदायगी के लिए भी ओटीएस स्कीम लागू है। इसके अंर्तगत ऋणधारकों को ब्याज में छूट दी जाती है। कोई भी व्यक्ति इस कल्याणकारी स्कीम का लाभ 31 मार्च 2014 तक उठा सकता है।
विज्ञापन
वे दी करनाल सहकारी बैंक लिमिटेड में होम लोन स्कीम की शुरूआत करने के बाद बातचीत कर रही थीं। प्रदेश के सहकारी क्षेत्र में होम लोन सुविधा देने वाला यह पहला बैंक होगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सहकारी बैंकों से कर्जा लिए हुए लोगों के लिए जो घोषणा की थी, उस घोषणा के अनुसार कोई भी डिफाल्टर अपनी राशि के कुल ब्याज का 50 प्रतिशत भरकर अपने खाते को साफ कर सकता है।
इस स्कीम का लाभ 28 फरवरी 2014 तक लिया जा सकता है। उन्होंने सहकारी बैंक से जुडे़ कर्मचारी और अधिकारियों से कहा कि वह बैंक की स्कीमों का अधिक से अधिक प्रचार करें।
बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र मेहरा ने बैंक की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि जो सहकारी बैंक द्वारा होम लोन दिया जाएगा। उसका ब्याज अन्य बैंकों से कम होगा। इसके लिए कोई फाइल चार्ज नहीं है। राष्ट्रीय बैंकों की तर्ज पर करनाल सहकारी बैंक में सभी प्रकार के ऋण दिए जाते हैं।
4 करोड़ लाभ कमाने का अनुमान
दूसरे बैंकों की तर्ज पर बैंक में ऑनलाइन सुविधा है। ग्राहकों की सेवा के लिए बैंक में लाकर्ज की सुविधा है। पिछले वर्ष बैंक ने 2 करोड़ 25 लाख रुपए का लाभ कमाया था। इस वर्ष 4 करोड़ रुपए लाभ कमाने का अनुमान है।
बैंक ने 190 स्वयं सहायता समूह बनाए हैं, जिनको 50 लाख रुपए से अधिक ऋण दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बैंक के साथ 53 कृषि सहकारी समितियां जुड़ी हुई हैं, जिनके 218734 सदस्य हैं।
यह समितियां अपने सदस्यों को 4 प्रतिशत की दर पर तथा अन्य ऋण जैसे छोटे दुकानदारों, ग्रामीण दस्तकारों, मजदूरों व गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को ऋण प्रदान करती है। वर्तमान में इन समितियों ने 660 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण ग्राहकों को दिए हैं।
इस अवसर पर एमडीडी बाल भवन के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में अच्छा कार्य करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर पार्षद सुदेश गुलाटी, बंसीलाल सचदेवा, कांग्रेसी नेता अशोक खुराना, बैंक के पूर्व चैयरमेन तेजबीर सिंह, एमडीडी बाल भवन के प्रबंधक पीआर नाथ सहित भारी संख्या में बैंक के कर्मचारी व अधिकारी तथा युनियन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।