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आज से अनशन करेंगे जेबीटी शिक्षक
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:28 PM IST
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आज से अनशन करेंगे जेबीटी शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जनता के मुखिया मुख्मयंत्री द्वारा नौकरी देने के झूठे आश्वासनों से आहत हुए जेबीटी शिक्षक 12 सितंबर को जिला सचिवालय के सामने अनशन शुरू करेंगे। पहले दिन आठ शिक्षक क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। इनमें सुमन, पूनम, सोनिया, तेजवीर, सुशील, मधु, मुकेश डिडवानिया और मनोज शामिल रहेंगे। इसके एक दिन बाद आमरण अनशन का बिगुल बजा दिया जाएगा। पिछले तीन महीनों में 1259 पीड़ित जेबीटी शिक्षक बार-बार अधिकारियों और सरकार के झूठे आश्वासनों के झांसे में जाकर इस विश्वास के साथ अपने घर वापस चले गए कि उन्हें नौकरी मिल जाएंगे। हर बार शिक्षकों के सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है। इस बार शिक्षकों ने ऐलान कर दिया है कि वह बिना ज्वाइनिंग लेटर नहीं सीएम सिटी से वापस नहीं जाएंगे। अगर सरकार उन्हें नौकरी नहीं दे सकती तो आत्मदाह करने की इजाजत दे दे। क्योंकि शिक्षकों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। शिक्षकों के परिवार के लोग बेहद दुखी हो चुके हैं। सरकार को जमकर कोस रहे हैं। पीड़ित शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे राकेश जांगड़ा और मुकेश डिडवानिया का कहना है कि अब सरकार और अधिकारियों के टरकाउ रवैये पर विश्वास नहीं करेंगे। हर कीमत पर नौकरी लेकर ही घर लौटेंगे। सोमवार को फव्वारा पार्क में इकट्ठा हुए शिक्षकों में मुख्य तौर पर राकेश, राजकुमार, सुरेश, सचिन, सुमन, रश्मि, जयदेव, जसमेर, वीर सिंह , सत्यवान व नरेंद्र शामिल रहे।------
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जनता के मुखिया मुख्मयंत्री द्वारा नौकरी देने के झूठे आश्वासनों से आहत हुए जेबीटी शिक्षक 12 सितंबर को जिला सचिवालय के सामने अनशन शुरू करेंगे। पहले दिन आठ शिक्षक क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। इनमें सुमन, पूनम, सोनिया, तेजवीर, सुशील, मधु, मुकेश डिडवानिया और मनोज शामिल रहेंगे। इसके एक दिन बाद आमरण अनशन का बिगुल बजा दिया जाएगा। पिछले तीन महीनों में 1259 पीड़ित जेबीटी शिक्षक बार-बार अधिकारियों और सरकार के झूठे आश्वासनों के झांसे में जाकर इस विश्वास के साथ अपने घर वापस चले गए कि उन्हें नौकरी मिल जाएंगे। हर बार शिक्षकों के सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है। इस बार शिक्षकों ने ऐलान कर दिया है कि वह बिना ज्वाइनिंग लेटर नहीं सीएम सिटी से वापस नहीं जाएंगे। अगर सरकार उन्हें नौकरी नहीं दे सकती तो आत्मदाह करने की इजाजत दे दे। क्योंकि शिक्षकों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। शिक्षकों के परिवार के लोग बेहद दुखी हो चुके हैं। सरकार को जमकर कोस रहे हैं। पीड़ित शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे राकेश जांगड़ा और मुकेश डिडवानिया का कहना है कि अब सरकार और अधिकारियों के टरकाउ रवैये पर विश्वास नहीं करेंगे। हर कीमत पर नौकरी लेकर ही घर लौटेंगे। सोमवार को फव्वारा पार्क में इकट्ठा हुए शिक्षकों में मुख्य तौर पर राकेश, राजकुमार, सुरेश, सचिन, सुमन, रश्मि, जयदेव, जसमेर, वीर सिंह , सत्यवान व नरेंद्र शामिल रहे।------