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कर्मचारी संघ की सरकार को चेतावनी, मांगें पूरी करे, नहीं तो 10 सिंतबर को होगा विस घेराव

Fri, 24 Aug 2018 12:10 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:10 AM IST
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कर्मचारी संघ की सरकार को चेतावनी, मांगें पूरी करे, नहीं तो 10 सिंतबर को होगा विस घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। हरियाणा रेगुलराइजेशन ऑफ सर्विस बिल को पारित कर हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की सेवाएं बचाने और विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य कमेटी के फैसले के अनुसार, करनाल जिले के सैकड़ों कच्चे व पक्के कर्मचारियों ने ओमप्रकाश सिंहमार जिला प्रधान के नेतृत्व में कर्ण पार्क से कर्ण गेट तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हरियाणा सरकार की वादाखिलाफी व चुनावी संकल्प पत्र में कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा न करने की निंदा की गई। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान 10 सितंबर को भारी संख्या में कर्मचारी हरियाणा विधानसभा का घेराव करेंगे।
ओमप्रकाश सिंहमार ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ के प्रतिनिधिमंडल को 21 जुलाई, 2018 को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने वादा किया था कि विधानसभा में रेगुलाइजेशन ऑफ सर्विस बिल पारित कर हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की सेवा सुरक्षित करने व विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का बिल विधानसभा में लाने का वादा किया था। अब सरकार आगामी विधानसभा सत्र में बिल लाने की बजाए सर्वोच्च न्यायालय में एलएलपी डालने की तैयारी कर रही है, जिसका कर्मचारी वर्ग तीखा विरोध करेगा।
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जिला प्रधान ओमप्रकाश सिंहमार ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पूर्व अपने संकल्प पत्र में पंजाब के समान वेतनमान देने, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग, निजिकरण की नीतियों पर रोक लगाने, कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने, परियोजना को, सफाई के कार्य में लगे कर्मचारियों सहित अन्य कर्मचारियों को नियमित करने, न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपए लागू करने, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने का वादा किया था मगर आज तक एक भी वादा पूरा नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष है। जिला वरिष्ठ उपप्रधान जगतार सिंह, सचिव कृष्ण शर्मा ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने अभी तक किराया भत्तों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। प्रदर्शनकारियों को सतपाल सैनी, सुरेश पाल, रूपा राणा, राकेश राणा, ओमप्रकाश माटा, बाबू राम, साहब सिंह, अंजु, अनिल सैनी, देवीचंद, शिमला, सुदेश, बिजनेश, अव्वल सिंह, मलकीत सिंह, सुरेश रसीन, रिषीपाल, अनुराधा, अनीता, जरासो देवी, संगीता, सुरेश पाल, वीरभान बिडलान, नरेंद्र संधु, प्रदीप बतान, रूपा, सरूप सिंह विर्क, इंद्रजीत, कालूराम, सोमनाथ, शीशपाल व नरेंद्र चोपड़ा मौजूद रहे।
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