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बल्ला तहसील में भ्रष्टाचार के आरोप, जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर मांगे पैसे
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:52 AM IST
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बल्ला तहसील में भ्रष्टाचार के आरोप, जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर मांगे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
बल्ला (करनाल)। प्रदेश सरकार ने भले ही तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए आन लाइन रजिस्ट्री सेवाओं की शुरुआत की गई है, लेकिन इसके बावजूद भी तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उप तहसील बल्ला में रजिस्ट्रियों के अलावा अन्य छोटे-छोटे कामों के लिए खुलेआम रिश्वत लेने के आरोप हैं। बल्ला निवासी राजवीर ने बताया कि उसका लड़का सेना में भर्ती हुआ है। भर्ती मुख्यालय की ओर से भर्ती हुए लड़के का जाति प्रमाण पत्र मांगा गया। जाति प्रमाण पत्र बनवाने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर फाइल तहसील कार्यालय में जमा करवा दी। राजवीर का कहना है कि बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद उसके लड़के का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा था। राजवीर ने तहसील कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी को सौ रुपये भी दे दिए लेकिन इसके बावजूद भी उसे जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करवाया गया। इस मामले को लेकर मंगलवार को राजवीर ने तहसील कार्यालय में खूब बवाल काटा और नायब तहसीलदार को खूब खरी-खोटी सुनाई। राजवीर ने कहा कि कर्मचारी ने तहसीलदार के नाम पर एक सौ रुपये लिए हैं। मामले को निपटाने के लिए गांव के सरपंच भी मौके पर पहुंच गए। नायब तहसीलदार ने रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को उसके पैसे वापिस किए जाने के निर्देश दिए तो कार्यालय में कार्यरत होमगार्ड के जवान ने अपनी जेब से सौ रुपये निकाल कर अनेक ग्रामीणों के सामने राजवीर को वापिस दे दिए गांव के सरपंच दिलावर सिंह ने नायब तहसीलदार से तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है। इस संबंध में नायब तहसीलदार सूरजभान का कहना है कि तहसील में कार्यरत किसी भी कर्मचारी ने किसी भी व्यक्ति से रिश्वत नहीं ली है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बल्ला (करनाल)। प्रदेश सरकार ने भले ही तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए आन लाइन रजिस्ट्री सेवाओं की शुरुआत की गई है, लेकिन इसके बावजूद भी तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उप तहसील बल्ला में रजिस्ट्रियों के अलावा अन्य छोटे-छोटे कामों के लिए खुलेआम रिश्वत लेने के आरोप हैं। बल्ला निवासी राजवीर ने बताया कि उसका लड़का सेना में भर्ती हुआ है। भर्ती मुख्यालय की ओर से भर्ती हुए लड़के का जाति प्रमाण पत्र मांगा गया। जाति प्रमाण पत्र बनवाने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर फाइल तहसील कार्यालय में जमा करवा दी। राजवीर का कहना है कि बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद उसके लड़के का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा था। राजवीर ने तहसील कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी को सौ रुपये भी दे दिए लेकिन इसके बावजूद भी उसे जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करवाया गया। इस मामले को लेकर मंगलवार को राजवीर ने तहसील कार्यालय में खूब बवाल काटा और नायब तहसीलदार को खूब खरी-खोटी सुनाई। राजवीर ने कहा कि कर्मचारी ने तहसीलदार के नाम पर एक सौ रुपये लिए हैं। मामले को निपटाने के लिए गांव के सरपंच भी मौके पर पहुंच गए। नायब तहसीलदार ने रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को उसके पैसे वापिस किए जाने के निर्देश दिए तो कार्यालय में कार्यरत होमगार्ड के जवान ने अपनी जेब से सौ रुपये निकाल कर अनेक ग्रामीणों के सामने राजवीर को वापिस दे दिए गांव के सरपंच दिलावर सिंह ने नायब तहसीलदार से तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है। इस संबंध में नायब तहसीलदार सूरजभान का कहना है कि तहसील में कार्यरत किसी भी कर्मचारी ने किसी भी व्यक्ति से रिश्वत नहीं ली है।