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जीएसटी इफेक्ट : लटक सकते हैं शहर के 30 विकास कार्य, ठेकेदार धरने पर बैठे
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:35 PM IST
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जीएसटी इफेक्ट : लटक सकते हैं शहर के 30 विकास कार्य, ठेकेदार धरने पर बैठे
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जीएसटी का असर अलग अलग विभाग में दिखने लगा है। अब नगर निगम के ठेकेदार भी इसके विरोध में आ गए हैं। मंगलवार को ठेकेदारों ने निगम के धरना दिया। ठेकेदारों की मांग है कि, जीएसटी 1 जुलाई से पहले के टेंडरों पर न लगे, अगर ऐसा हुआ तो उनको ज्यादा नुकसान होगा। बता दें कि शहर में एक जुलाई से पहले के करीब 30 विकास कार्य अलॉट हुए हैं। जिस प्रकार से ठेकेदारों का गुस्सा बढ़ रहा है, उससे प्रोजेक्ट लटक सकते हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक ठेकेदार धरने पर बैठे रहे। ठेकेदार संजीव चहल, जसपाल, दलबीर जाणी, राजीव, युद्धवीर सिंह, शुभम जैन, सितेंद्र, रघुबीर व संजीव शर्मा ने कहा कि 1 जुलाई से पहले के कामों पर जीएसटी नहीं लगाया जाना चाहिए। इससे ठेकेदारों पर ज्यादा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एक जुलाई से पहले 5.2 प्रतिशत कर ठेकेदारों पर लगता था। जीएसटी के बाद यह बढ़कर करीब 18 प्रतिशत तक हो गया है। वहीं, नगर निगम ठेकेदार युनियन के प्रधान श्याम सिंह नरवाल ने बताया कि नगर निगम में एक जुलाई से पहले के करीब ढाई करोड़ रुपये आज भी बकाया हैं। अब यह राशि मिलेगी तो इस पर भी जीएसटी लगेगा।
जीएसटी से पहले चहेतों के पास कर दिए 50 लाख के बिल
धरने पर बैठे ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि जीएसटी लागू होने से एक दिन पहले निगम के अधिकारियों ने अपने खास ठेकेदारों के करीब 50 लाख रुपये के बिल पास कर दिए। यह सब उन्हें जीएसटी से छूट दिलाने के लिए किया गया। ठेकेदारों ने इस मामले की जांच की मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जीएसटी का असर अलग अलग विभाग में दिखने लगा है। अब नगर निगम के ठेकेदार भी इसके विरोध में आ गए हैं। मंगलवार को ठेकेदारों ने निगम के धरना दिया। ठेकेदारों की मांग है कि, जीएसटी 1 जुलाई से पहले के टेंडरों पर न लगे, अगर ऐसा हुआ तो उनको ज्यादा नुकसान होगा। बता दें कि शहर में एक जुलाई से पहले के करीब 30 विकास कार्य अलॉट हुए हैं। जिस प्रकार से ठेकेदारों का गुस्सा बढ़ रहा है, उससे प्रोजेक्ट लटक सकते हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक ठेकेदार धरने पर बैठे रहे। ठेकेदार संजीव चहल, जसपाल, दलबीर जाणी, राजीव, युद्धवीर सिंह, शुभम जैन, सितेंद्र, रघुबीर व संजीव शर्मा ने कहा कि 1 जुलाई से पहले के कामों पर जीएसटी नहीं लगाया जाना चाहिए। इससे ठेकेदारों पर ज्यादा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एक जुलाई से पहले 5.2 प्रतिशत कर ठेकेदारों पर लगता था। जीएसटी के बाद यह बढ़कर करीब 18 प्रतिशत तक हो गया है। वहीं, नगर निगम ठेकेदार युनियन के प्रधान श्याम सिंह नरवाल ने बताया कि नगर निगम में एक जुलाई से पहले के करीब ढाई करोड़ रुपये आज भी बकाया हैं। अब यह राशि मिलेगी तो इस पर भी जीएसटी लगेगा।
जीएसटी से पहले चहेतों के पास कर दिए 50 लाख के बिल
धरने पर बैठे ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि जीएसटी लागू होने से एक दिन पहले निगम के अधिकारियों ने अपने खास ठेकेदारों के करीब 50 लाख रुपये के बिल पास कर दिए। यह सब उन्हें जीएसटी से छूट दिलाने के लिए किया गया। ठेकेदारों ने इस मामले की जांच की मांग की।
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