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Kaithal News: गुरु तत्व के प्रति कृतज्ञता के लिए गुरु की पूजा
Sun, 21 Jul 2024 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 21 Jul 2024 03:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गुरु तत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए गुरुपूजा आयोजित की। यह जानकारी देते हुए आचार्या कंचन सेठ ने बताया कि मित्तल भवन कैथल में आचार्या अल्पना मित्तल के पावन सानिध्य में साधकों संग ज्ञान सांझा किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक शिक्षा देते हैं लेकिन गुरु दीक्षा देते हैं।
गुरु आपको जानकारियों से नहीं भरते बल्कि वे आपके भीतर जीवनी शक्ति जागृत करते हैं। गुरु की उपस्थिति में आपके शरीर का कण-कण जीवंत हो जाता है। उसी को दीक्षा कहते हैं। दीक्षा का अर्थ केवल जानकारी देना नहीं है, इसका अर्थ है बुद्धिमत्ता का शिखर प्रदान करना । जब तक जीवन में विवेक नहीं उतरता, सहजता नहीं पनपती और प्रेम नहीं बहता तब तक हमारा जीवन अधूरा रहता है । हमारे जीवन में विवेक, प्रज्ञा, सहजता और प्रेम तभी आता है जब जीवन में ज्ञान हो, हम अंतर्मुखी हों और हमारा मन शांत हो वही गुरु तत्व है। हमारा जीवन ही गुरु तत्व है। अपने जीवन पर प्रकाश डालिए । आपने जो भी सही या गलत किया है, उन अनुभवों से जीवन ने आपको बहुत कुछ सिखाया है। यदि आप अपने जीवन से नहीं सीखेंगे, तो इसका अर्थ है कि आपके जीवन में गुरु नहीं हैं। इसीलिए अपने जीवन को देखिए और जो ज्ञान जीवन ने आपको दिया है, उसका आदर कीजिए।
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कैथल। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गुरु तत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए गुरुपूजा आयोजित की। यह जानकारी देते हुए आचार्या कंचन सेठ ने बताया कि मित्तल भवन कैथल में आचार्या अल्पना मित्तल के पावन सानिध्य में साधकों संग ज्ञान सांझा किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक शिक्षा देते हैं लेकिन गुरु दीक्षा देते हैं।
गुरु आपको जानकारियों से नहीं भरते बल्कि वे आपके भीतर जीवनी शक्ति जागृत करते हैं। गुरु की उपस्थिति में आपके शरीर का कण-कण जीवंत हो जाता है। उसी को दीक्षा कहते हैं। दीक्षा का अर्थ केवल जानकारी देना नहीं है, इसका अर्थ है बुद्धिमत्ता का शिखर प्रदान करना । जब तक जीवन में विवेक नहीं उतरता, सहजता नहीं पनपती और प्रेम नहीं बहता तब तक हमारा जीवन अधूरा रहता है । हमारे जीवन में विवेक, प्रज्ञा, सहजता और प्रेम तभी आता है जब जीवन में ज्ञान हो, हम अंतर्मुखी हों और हमारा मन शांत हो वही गुरु तत्व है। हमारा जीवन ही गुरु तत्व है। अपने जीवन पर प्रकाश डालिए । आपने जो भी सही या गलत किया है, उन अनुभवों से जीवन ने आपको बहुत कुछ सिखाया है। यदि आप अपने जीवन से नहीं सीखेंगे, तो इसका अर्थ है कि आपके जीवन में गुरु नहीं हैं। इसीलिए अपने जीवन को देखिए और जो ज्ञान जीवन ने आपको दिया है, उसका आदर कीजिए।
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