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भाजपा से अलग होने या नए संगठन पर कार्यकर्ता लेंगे निर्णय : बीरेंद्र सिंह
Mon, 11 Sep 2023 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 11 Sep 2023 02:51 AM IST
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कैथल। जींद में दो अक्तूबर को होने वाले सम्मेलन का न्योता देने के लिए रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह रविवार को कैथल पहुंचे। इस दौरान भाजपा से अलग राह चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी नए संगठन से जुड़ने के संबंध में जैसा निर्णय उनके साथियों और कार्यकर्ताओं का होगा, उसी पर आगे कार्य किया जाएगा।
जींद रोड स्थित एक फॉर्म में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे मुकाबले में दुष्यंत चौटाला पांच प्रतिशत काम नहीं गिनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 52 साल की राजनीति में मुझे तो बहुत कुछ मिला, लेकिन मेरे साथियों को जो उम्मीद थी, उसके अनुरूप उन्हें कुछ नहीं मिला। इसी बदलाव का लेकर दो अक्तूबर को जींद में दो अक्तूबर को ‘मेरी आवाज सुनो’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक व्यवस्था से राजनीतिक व सामाजिक व्यवस्था तो सुधारी जा सकती है, लेकिन हर तबके को लाभ देने के लिए हमें संगठित होकर लड़ने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेरी आवाज सुनो कार्यक्रम पूर्ण रूप से गैर राजनीतिक कार्यक्रम है। इसमें भाजपा, कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक दल की आलोचना या प्रशंसा नहीं करना है, बल्कि पुरानी समस्या बेरोजगारी, भुखमरी, गरीबी पर अनुसंधान की जरूरत है। इस मौके पर कार्यक्रम आयोजक सुरेंद्र ढुल, बीर कर्ण राणा, राधा कृष्ण आर्य, सुरेश शर्मा, लीलू चौशाला, बंसी पूर्व चैयरमन, दिलबाग पूर्व चेयरमैन, रतन जाखौली, रामकुमार शर्मा, श्रवण देबवन, राजेंद्र बाकली, कृष श्योकंद, राजेन्द्र पूर्व सरपंच पाई, बलवान सरपंच हरसौला, नपड़ थुआ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
किसानों को एमएसपी दिया जा रहा पर आज भी कर्ज में दबाफोटो नंबर-20
गुहला/चीका। कैथल के बाद गुहला विश्राम गृह में भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीरेंद्र सिंह ने अपने समर्थकों को जींद में होने वाले सम्मेलन का न्योता दिया। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस सम्मेलन में पुराने मुद्दे जैसे गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई व किसानों के मुद्दों को नए तरीके से हल करने के लिए आवाज उठाई जाएगी। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को पिछले कई दशकों से एमएसपी दिया जा रहा है, लेकिन किसान आज भी कर्ज में दबा हुआ है। इस अवसर पर उनके साथ संदीप पुनिया भागल, राजेंद्र बाखली, रामकुमार शर्मा, बलवान सिंह, धर्म सिंह, ईश्वर व मलकीत सिंह मौजूद रहे।
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जींद रोड स्थित एक फॉर्म में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे मुकाबले में दुष्यंत चौटाला पांच प्रतिशत काम नहीं गिनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 52 साल की राजनीति में मुझे तो बहुत कुछ मिला, लेकिन मेरे साथियों को जो उम्मीद थी, उसके अनुरूप उन्हें कुछ नहीं मिला। इसी बदलाव का लेकर दो अक्तूबर को जींद में दो अक्तूबर को ‘मेरी आवाज सुनो’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक व्यवस्था से राजनीतिक व सामाजिक व्यवस्था तो सुधारी जा सकती है, लेकिन हर तबके को लाभ देने के लिए हमें संगठित होकर लड़ने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेरी आवाज सुनो कार्यक्रम पूर्ण रूप से गैर राजनीतिक कार्यक्रम है। इसमें भाजपा, कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक दल की आलोचना या प्रशंसा नहीं करना है, बल्कि पुरानी समस्या बेरोजगारी, भुखमरी, गरीबी पर अनुसंधान की जरूरत है। इस मौके पर कार्यक्रम आयोजक सुरेंद्र ढुल, बीर कर्ण राणा, राधा कृष्ण आर्य, सुरेश शर्मा, लीलू चौशाला, बंसी पूर्व चैयरमन, दिलबाग पूर्व चेयरमैन, रतन जाखौली, रामकुमार शर्मा, श्रवण देबवन, राजेंद्र बाकली, कृष श्योकंद, राजेन्द्र पूर्व सरपंच पाई, बलवान सरपंच हरसौला, नपड़ थुआ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
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किसानों को एमएसपी दिया जा रहा पर आज भी कर्ज में दबाफोटो नंबर-20
गुहला/चीका। कैथल के बाद गुहला विश्राम गृह में भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीरेंद्र सिंह ने अपने समर्थकों को जींद में होने वाले सम्मेलन का न्योता दिया। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस सम्मेलन में पुराने मुद्दे जैसे गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई व किसानों के मुद्दों को नए तरीके से हल करने के लिए आवाज उठाई जाएगी। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को पिछले कई दशकों से एमएसपी दिया जा रहा है, लेकिन किसान आज भी कर्ज में दबा हुआ है। इस अवसर पर उनके साथ संदीप पुनिया भागल, राजेंद्र बाखली, रामकुमार शर्मा, बलवान सिंह, धर्म सिंह, ईश्वर व मलकीत सिंह मौजूद रहे।
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