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पोर्टेबल अस्पताल की डेडलाइन खत्म पर कार्य नहीं हो सका पूरा
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Work could not be completed at the end of the deadline of Portable Hospital
- फोटो : Kaithal
जिला नागरिक अस्पताल में करीब ढाई करोड़ की लागत से 100 बेड के पोर्टेबल अस्पताल का कार्य चल रहा है, लेकिन 30 अगस्त की डेडलाइन खत्म होने के बाद भी यह पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब इसे 15 दिनों में पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कैथल के जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर महत्वाकांक्षी पोर्टेबल अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके लिए तमिलनाडु से आई इंजीनियर और मैकेनिकों की टीम कार्य पूरा करने में जुटी है। टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि अभी इस कार्य के पूरा होने में कम से कम 15 दिन का समय और लगने की संभावना है। अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की तरफ से इसके लिए बजट जारी किया गया है। आईआईटी चेन्नई की तरफ से तैयार किए जा रहे अस्पताल में चिकित्सक और स्टाफ विभाग की तरफ से रखे जाने हैं। इसमें वेंटिलेटर तक की सुविधा मरीजों को दी जानी हैं। इन सभी सुविधाओं के लिए अस्पताल का कार्य पूरा होने का जिलेवासियों को भी बेसब्री से इंतजार है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पांखुरी गुप्ता ने बताया कि बरसात के कारण पोर्टेबल अस्पताल की मेडिकैब यूनिटों में बिजली से संबंधित कार्य पूरा नहीं हो सका। अब इसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि 15 दिन में कार्य पूरा हो जाएगा। जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि पोर्टेबल अस्पताल के निर्माण से मरीजों को काफी फायदा होगा। अस्पताल के प्रशिक्षित स्टाफ को पोर्टेबल अस्पताल में लगाया जाएगा।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कलायत में बन रही आरटीपीसीआर लैब का काम भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। लैब के लिए नोडल ऑफिसर डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि लैब में फर्नीचर, पूरी मशीनें न मिलने के कारण काम लटका है। अभी न ही आरटीपीसीआर किट मिली है और न ही विशेषज्ञ हैं। जैसे ही उपकरण व विशेषज्ञ की नियुक्ति होगी, यह लैब अधिकारियों के निर्देशानुसार शुरू कर दी जाएगी।
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कैथल के जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर महत्वाकांक्षी पोर्टेबल अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके लिए तमिलनाडु से आई इंजीनियर और मैकेनिकों की टीम कार्य पूरा करने में जुटी है। टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि अभी इस कार्य के पूरा होने में कम से कम 15 दिन का समय और लगने की संभावना है। अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन की तरफ से इसके लिए बजट जारी किया गया है। आईआईटी चेन्नई की तरफ से तैयार किए जा रहे अस्पताल में चिकित्सक और स्टाफ विभाग की तरफ से रखे जाने हैं। इसमें वेंटिलेटर तक की सुविधा मरीजों को दी जानी हैं। इन सभी सुविधाओं के लिए अस्पताल का कार्य पूरा होने का जिलेवासियों को भी बेसब्री से इंतजार है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पांखुरी गुप्ता ने बताया कि बरसात के कारण पोर्टेबल अस्पताल की मेडिकैब यूनिटों में बिजली से संबंधित कार्य पूरा नहीं हो सका। अब इसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि 15 दिन में कार्य पूरा हो जाएगा। जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि पोर्टेबल अस्पताल के निर्माण से मरीजों को काफी फायदा होगा। अस्पताल के प्रशिक्षित स्टाफ को पोर्टेबल अस्पताल में लगाया जाएगा।
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कलायत में बन रही आरटीपीसीआर लैब का काम भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। लैब के लिए नोडल ऑफिसर डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि लैब में फर्नीचर, पूरी मशीनें न मिलने के कारण काम लटका है। अभी न ही आरटीपीसीआर किट मिली है और न ही विशेषज्ञ हैं। जैसे ही उपकरण व विशेषज्ञ की नियुक्ति होगी, यह लैब अधिकारियों के निर्देशानुसार शुरू कर दी जाएगी।
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