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Kaithal News: बदलती जीवन शैली से महिलाओं का स्वास्थ्य प्रभावित
Tue, 31 Oct 2023 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। बाबू अनंत राम जनता महाविद्यालय कौल में रेडक्रास सोसायटी महिला प्रकोष्ठ व गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयुर्वेद एवं महावारी विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया। मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. सिमरन देवगन ने शिरकत करते हुए कहा कि आधुनिकता के दौर में खानपान एवं बदलती जीवन शैली ने महिलाओं के स्वास्थ्य को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि खराब दिनचर्या एवं केमिकल से युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से महिलाओं के मासिक चक्र में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इससे वे अनेक प्रकार की बीमारियों का सामना कर रही हैं। डा. सिमरन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हमेशा हमारे सांस्कृतिक मूल्य के साथ-साथ आयुर्वेद का अनुसरण करना चाहिए, ताकि हम बदलते परिवेश में अनेक बीमारियों से बच सके।
उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के शरीर में हार्मोंस का संतुलन बिगड़ जाता है तो उनको महावारी में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। यदि महिलाएं चिंता, असंतुलित भोजन, शारीरिक काम न करना, धूम्रपान, अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है तो उनके मासिक धर्म पर इनका बुरा प्रभाव पड़ता है। प्राचीन आयुर्वेद व हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार यदि
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महिलाएं अपने जीवन-शैली में कुछ बदलाव करें।
जैसे खान-पान में थोड़ा सा संयम रखें तो मासिक धर्म की उभरती हुई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए महिलाओं को हमेशा तनाव रहित, हर्बल जड़ी बूटियां व संतुलित भोजन करना चाहिए। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. कोमल रानी ने किया। कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. पुष्पा ने मुख्य वक्ता का मार्ग दर्शन के लिए आभार प्रकट किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ. ऋषिपाल ने की।
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ढांड। बाबू अनंत राम जनता महाविद्यालय कौल में रेडक्रास सोसायटी महिला प्रकोष्ठ व गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयुर्वेद एवं महावारी विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया। मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. सिमरन देवगन ने शिरकत करते हुए कहा कि आधुनिकता के दौर में खानपान एवं बदलती जीवन शैली ने महिलाओं के स्वास्थ्य को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि खराब दिनचर्या एवं केमिकल से युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से महिलाओं के मासिक चक्र में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इससे वे अनेक प्रकार की बीमारियों का सामना कर रही हैं। डा. सिमरन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हमेशा हमारे सांस्कृतिक मूल्य के साथ-साथ आयुर्वेद का अनुसरण करना चाहिए, ताकि हम बदलते परिवेश में अनेक बीमारियों से बच सके।
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उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के शरीर में हार्मोंस का संतुलन बिगड़ जाता है तो उनको महावारी में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। यदि महिलाएं चिंता, असंतुलित भोजन, शारीरिक काम न करना, धूम्रपान, अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है तो उनके मासिक धर्म पर इनका बुरा प्रभाव पड़ता है। प्राचीन आयुर्वेद व हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार यदि
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महिलाएं अपने जीवन-शैली में कुछ बदलाव करें।
जैसे खान-पान में थोड़ा सा संयम रखें तो मासिक धर्म की उभरती हुई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए महिलाओं को हमेशा तनाव रहित, हर्बल जड़ी बूटियां व संतुलित भोजन करना चाहिए। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. कोमल रानी ने किया। कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. पुष्पा ने मुख्य वक्ता का मार्ग दर्शन के लिए आभार प्रकट किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ. ऋषिपाल ने की।