फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   When he recited the poem of freedom, the British arrested him

Kaithal News: आजादी की नज्म पढ़ी तो अंग्रेजों ने कर लिया था गिरफ्तार

Tue, 12 Aug 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 12 Aug 2025 01:04 AM IST
विज्ञापन
When he recited the poem of freedom, the British arrested him
32 कैथल। स्व. लाला हंसराज गर्ग। परिजन
कैथल। मेरे दादाजी स्वर्गीय हंसराज गर्ग ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेते हुए दो बार जेल की यातनाएं झेली थीं। जिस मकान में वे रहते थे, मैं आज भी उसी घर में रह रहा हूं। उन्हेें नज्म पढ़ने के लिए अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन


दादाजी का ‘अपराध’ केवल इतना था कि वे आजादी के आंदोलन में सक्रिय थे। इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारों के साथ वे हर सभा में जोश भरते थे। यही कारण था कि उन्हें दो बार जेल भेजा गया।
विज्ञापन


स्व. हंसराज गर्ग का जन्म वर्ष 1906 में कैथल में हुआ। 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता का एलान किया और 30 जनवरी 1930 को देशभर में पहली बार ‘आजादी दिवस’ मनाया गया। कैथल में भी इस अवसर पर लोग एकत्र हुए, जहां दादाजी ने स्वतंत्रता के पक्ष में जोशीली क्रांतिकारी नज्म सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी शिकायत अंग्रेज प्रशासन तक पहुंची और तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें एक सप्ताह के लिए मुल्तान जेल भेज दिया, जहां उन्होंने यातनाएं सही लेकिन हौसला नहीं खोया।

– प्रस्तुति : वेद प्रकाश गर्ग, निवासी- चंदाना गेट, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed