फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Water crisis at Cheeka Mandi during paddy season; laborers in distress.

Kaithal News: धान सीजन में चीका मंडी में पानी की समस्या, मजदूर बेहाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
Water crisis at Cheeka Mandi during paddy season; laborers in distress.
मंडी में खराब पड़े वाटर कूलरों को दिखाते मजदूर। संवाद
गुहला-चीका। धान सीजन में अनाज मंडी चीका में रोजाना 10 हजार क्विंटल से अधिक धान पहुंच रहा है। बंपर आवक के बीच मंडी में काम करने वाले करीब 2000 से 2100 पल्लेदारों, तुलाई कर्मचारियों और सफाई मजदूरों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी होने का मामला सामने आया है। मजदूरों का आरोप है कि भीषण उमस और गर्मी के बीच दिनभर धान की बोरियां उठाने के बाद उन्हें पीने के साफ पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। दूसरी ओर मार्केट कमेटी प्रशासन ने मंडी में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने का दावा करते हुए आरोपों को खारिज किया है।
विज्ञापन

मजदूरों के अनुसार वे सुबह करीब पांच से रात नौ बजे तक मंडी में काम करते हैं। धान की 50 किलो तक की बोरियां उठाने और ट्रकों में लोडिंग के दौरान लगातार पसीना निकलता है। ऐसे में उन्हें बार-बार पानी की जरूरत पड़ती है। मजदूरों का कहना है कि मंडी में पीने के पानी के लिए पांच वाटर कूलर लगाए गए हैं लेकिन धान सीजन शुरू होते ही इनमें से तीन खराब हो गए। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


400 रुपये की दिहाड़ी में 40 रुपये पानी पर खर्च
मजदूर आजाद लोट, राममेहर, हरदीप सिंह, सोनू, विक्की बंटी, राजेश कुमार, रमेश कुमार, सुरेश कुमार और शीशपाल ने बताया कि पानी उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें दुकानों से बोतलें खरीदनी पड़ती हैं। उनका दावा है कि करीब 400 रुपये की दिहाड़ी में रोजाना लगभग 40 रुपये पानी खरीदने पर खर्च हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला मजदूरों को भी परेशानी
महिला मजदूर बिमला देवी ने बताया कि महिलाओं के लिए समस्या और गंभीर है। उनका कहना है कि हैंडपंप का पानी पीने में असहजता होती है और शौचालयों में भी पर्याप्त पानी नहीं मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई आढ़ती अपने लिए पानी के कैंपर मंगवाते हैं लेकिन मजदूरों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मजदूरों ने गंदे और खारे पानी से तबीयत खराब होने का भी दावा किया। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद चार मजदूरों के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही गई है। हालांकि अस्पताल या स्वास्थ्य विभाग ने दूषित पानी को इसकी वजह बताए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

आढ़ती एसोसिएशन ने भी उठाया मामला
आढ़ती एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य अशोक गर्ग ने कहा कि मजदूर मंडी की व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने दावा किया कि पानी की व्यवस्था के लिए मार्केट कमेटी को तीन बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है। सरकारी व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने पर उन्होंने स्वयं पानी के कैंपर मंगवाए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मंडी का निरीक्षण कराने की मांग की।


मार्केट कमेटी सचिव बोले- चार वाटर कूलर चल रहे
मार्केट कमेटी चीका के सचिव सतबीर राविश ने पानी की समस्या के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पांच में से चार वाटर कूलर चालू हैं और एक मरम्मत के लिए दिया हुआ है। उसे जल्द मंडी में लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीजन में मजदूरों और किसानों की संख्या बढ़ने से कभी-कभार पानी लेने में पांच से 10 मिनट का इंतजार हो सकता है लेकिन इसे पानी की समस्या नहीं कहा जा सकता। उनका आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर मार्केट कमेटी को बदनाम करने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed