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Kaithal News: एच3एन2 इन्फ्लूएंजा पर सतर्कता, बनाया आइसोलेशन वार्ड
Sun, 12 Mar 2023 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 12 Mar 2023 12:25 AM IST
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कैथल। एच3एन2 इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं। इसके साथ जिला नागरिक अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। इस समय अस्पताल में खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। अब सामान्य ओपीडी में ही पिछले करीब दस दिन से केवल खांसी व जुकाम के ही प्रतिदिन 100 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, अभी तक जिले में इन्फ्लूएंजा के तहत गंभीर लक्षण नहीं मिलने की स्थिति में किसी भी मरीज का जांच के लिए कोई भी सैंपल नहीं भेजा।
सामान्य अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजीव मित्तल ने बताया कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा खांसी व जुकाम होने पर छाती को जाम कर देता है। यदि डॉक्टर की समय पर सलाह न लेकर इसे अनदेखा किया जाए तो यह बीमारी गंभीर हो सकता है। क्योंकि यह वायरस सीधा फेफड़ों पर प्रहार करता है इसलिए सभी लोग जागरूक रहें और संक्रमण को लेकर सावधान रहे। मित्तल ने बताया कि जुकाम व खांसी के मरीजों से संक्रमण होती है इसलिए संक्रमण से बचें। भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर जाए तो मास्क का प्रयोग जरूर करें। साबुन से हाथ धोएं।
जिला नागरिक अस्पताल में कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने कहा कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वेरिएंट को लेकर अस्पताल में विशेष प्रबंध किए हैं। यहां पर अलग से 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। सामान्य ओपीडी में पहुंच रहे खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि कोई संदिग्ध मरीज मिलेगा तो उसकी जांच के सैंपल करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा।
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अस्पताल में जल्द शुरू किया जाएगा फ्लू कॉर्नर
एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वेरिएंट के प्रभाव पर अस्पताल प्रशासन सतर्क है। अब कोरोना महामारी के समय शुरू किए फ्लू कॉर्नर में मरीजों की जांच शुरू की जाएगी। यहां खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों के जांच की जाएगी। गौरतलब है कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के भी कोरोना महामारी की तरह ही लक्षण होने की स्थिति में जांच पर विशेष ध्यान स्वास्थ्य विभाग दे रहा है।
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सामान्य अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजीव मित्तल ने बताया कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा खांसी व जुकाम होने पर छाती को जाम कर देता है। यदि डॉक्टर की समय पर सलाह न लेकर इसे अनदेखा किया जाए तो यह बीमारी गंभीर हो सकता है। क्योंकि यह वायरस सीधा फेफड़ों पर प्रहार करता है इसलिए सभी लोग जागरूक रहें और संक्रमण को लेकर सावधान रहे। मित्तल ने बताया कि जुकाम व खांसी के मरीजों से संक्रमण होती है इसलिए संक्रमण से बचें। भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर जाए तो मास्क का प्रयोग जरूर करें। साबुन से हाथ धोएं।
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जिला नागरिक अस्पताल में कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने कहा कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वेरिएंट को लेकर अस्पताल में विशेष प्रबंध किए हैं। यहां पर अलग से 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। सामान्य ओपीडी में पहुंच रहे खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि कोई संदिग्ध मरीज मिलेगा तो उसकी जांच के सैंपल करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा।
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अस्पताल में जल्द शुरू किया जाएगा फ्लू कॉर्नर
एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वेरिएंट के प्रभाव पर अस्पताल प्रशासन सतर्क है। अब कोरोना महामारी के समय शुरू किए फ्लू कॉर्नर में मरीजों की जांच शुरू की जाएगी। यहां खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों के जांच की जाएगी। गौरतलब है कि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के भी कोरोना महामारी की तरह ही लक्षण होने की स्थिति में जांच पर विशेष ध्यान स्वास्थ्य विभाग दे रहा है।