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वीरांगना को तिरंगा भेंट कर किया सम्मानित
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01-कैथल। सेन्य मेडल से अलंकृत शहीद हरिचंद।
- फोटो : Kaithal
कैथल। डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल शुक्रवार को कैथल के सेक्टर-20 स्थित शहीद हरिचंद के घर पहुंची, जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश के लिए शहादत दी थी। यहां पर वे नैना निवासी युद्ध वीरांगना छोटो देवी से मिलीं और उन्हें तिरंगा देकर ‘हर घर तिरंगा’ उत्सव के तहत कार्यक्रम की शुरुआत की।
डीसी ने कहा कि तिरंगे की आन, बान और शान के लिए असंख्य वीरों ने अपने प्राण न्योछावर करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा की। ऐसे शहीदों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है, इसलिए हमें भी तिरंगा उत्सव धूमधाम से मनाना चाहिए। प्रशासन की ओर से तैयारी कर ली गई है। युद्ध वीरांगना छोटो देवी के पोते, पोती और नाती भी सेना में बड़े अधिकारी हैं। डीसी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आगामी 13 से 15 अगस्त तक अपने-अपने घरों पर स्वयं भी तिरंगा फहराएं और आसपास के लोगों को भी तिरंगा फहराने के लिए जागरूक करें। इस दौरान डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने शहीद हरिचंद की धर्मपत्नी वीरांगना छोटो देवी को तिरंगा भेंट किया। साथ ही शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और मिठाई भी खिलाई।
युद्घ वीरांगना छोटो देवी ने कहा कि हमारा परिवार ही सैनिकों का है। उन्होंने बताया कि उनकी पोती तमन्ना नैन भी सेना में मेजर है। पोता कमल सिंह भी सेना में कैप्टन है। नोडल अधिकारी सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश ने बताया कि कोई भी व्यक्ति राशन डिपो की दुकानों, बीडीपीओ कार्यालयों, नगर परिषद व नगर पालिकाओं से तिरंगा प्राप्त कर सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था कर ली गई है।
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बेटे ने की पिता की यादें साझा
शहीद के पुत्र बदन सिंह ने बताया किउसके पिता के जांबाज व्यक्तित्व और प्रेरणादायक जीवन चरित्र से प्रेरित होकर पोता और पोती भी सेना में सेवाएं दे रहे हैं। जब वे तीन साल के थे, तभी उनके पिता हरिचंद 1965 की लड़ाई में जम्मू कश्मीर क्षेत्र में पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। वे छह जाट बटालियन में जम्मू कश्मीर में तैनात थे।
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डीसी ने कहा कि तिरंगे की आन, बान और शान के लिए असंख्य वीरों ने अपने प्राण न्योछावर करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा की। ऐसे शहीदों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है, इसलिए हमें भी तिरंगा उत्सव धूमधाम से मनाना चाहिए। प्रशासन की ओर से तैयारी कर ली गई है। युद्ध वीरांगना छोटो देवी के पोते, पोती और नाती भी सेना में बड़े अधिकारी हैं। डीसी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आगामी 13 से 15 अगस्त तक अपने-अपने घरों पर स्वयं भी तिरंगा फहराएं और आसपास के लोगों को भी तिरंगा फहराने के लिए जागरूक करें। इस दौरान डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने शहीद हरिचंद की धर्मपत्नी वीरांगना छोटो देवी को तिरंगा भेंट किया। साथ ही शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और मिठाई भी खिलाई।
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युद्घ वीरांगना छोटो देवी ने कहा कि हमारा परिवार ही सैनिकों का है। उन्होंने बताया कि उनकी पोती तमन्ना नैन भी सेना में मेजर है। पोता कमल सिंह भी सेना में कैप्टन है। नोडल अधिकारी सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश ने बताया कि कोई भी व्यक्ति राशन डिपो की दुकानों, बीडीपीओ कार्यालयों, नगर परिषद व नगर पालिकाओं से तिरंगा प्राप्त कर सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था कर ली गई है।
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बेटे ने की पिता की यादें साझा
शहीद के पुत्र बदन सिंह ने बताया किउसके पिता के जांबाज व्यक्तित्व और प्रेरणादायक जीवन चरित्र से प्रेरित होकर पोता और पोती भी सेना में सेवाएं दे रहे हैं। जब वे तीन साल के थे, तभी उनके पिता हरिचंद 1965 की लड़ाई में जम्मू कश्मीर क्षेत्र में पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। वे छह जाट बटालियन में जम्मू कश्मीर में तैनात थे।

02-कैथल। शहीद हरिचंद की पत्नी वीरांगना छोटो देवी को झंडा व शॉल भेंट करते हुए डीसी संगीता तेतरवाल।- फोटो : Kaithal