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Kaithal News: चरस बेचने में तीन साल की कैद
Tue, 05 Mar 2024 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट संगीता राय सचदेव की अदालत ने चरस बेचने के दोषी को तीन साल के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम न देने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस बारे में थाना सदर में 16 मार्च 2020 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी)(2)(बी) के तहत केस दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी जय भगवान गोयल ने की। उन्होंने केस के हवाले से बताया कि 16 मार्च 2020 को पुलिस पार्टी गश्त करते हुए गांव खुराना में पशु अस्पताल के सामने पहुंची। वहां एक व्यक्ति ने सूचना दी कि राजेंद्र सिंह उर्फ कालू निवासी खुराना चरस बेचने का धंधा करता है। इस पर पुलिस पार्टी व्यक्ति की ओर से बताए गए रास्ते के अनुसार राजेंद्र सिंह के मकान के पास पंहुची तो एक व्यक्ति उस मकान के अंदर खड़ा दिखाई दिया जो अपने हाथ में कुछ छिपा रहा था।
पुलिस ने उसे काबू किया जिसने अपना नाम राजेंद्र सिंह उर्फ कालू निवासी खुराना बताया। जब ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने उसकी तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 381 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत के सुपुर्द कर दिया।
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अदालत ने दोनोंं पक्षों को ध्यान से सुना तथा गवाहों और सबूतों के आधार पर राजेंद्र को चरस बेचने का धंधा करने का दोषी पाया। एडीजे संगीता राय सचदेव ने उसे तीन साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट संगीता राय सचदेव की अदालत ने चरस बेचने के दोषी को तीन साल के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम न देने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस बारे में थाना सदर में 16 मार्च 2020 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी)(2)(बी) के तहत केस दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी जय भगवान गोयल ने की। उन्होंने केस के हवाले से बताया कि 16 मार्च 2020 को पुलिस पार्टी गश्त करते हुए गांव खुराना में पशु अस्पताल के सामने पहुंची। वहां एक व्यक्ति ने सूचना दी कि राजेंद्र सिंह उर्फ कालू निवासी खुराना चरस बेचने का धंधा करता है। इस पर पुलिस पार्टी व्यक्ति की ओर से बताए गए रास्ते के अनुसार राजेंद्र सिंह के मकान के पास पंहुची तो एक व्यक्ति उस मकान के अंदर खड़ा दिखाई दिया जो अपने हाथ में कुछ छिपा रहा था।
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पुलिस ने उसे काबू किया जिसने अपना नाम राजेंद्र सिंह उर्फ कालू निवासी खुराना बताया। जब ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने उसकी तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 381 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत के सुपुर्द कर दिया।
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अदालत ने दोनोंं पक्षों को ध्यान से सुना तथा गवाहों और सबूतों के आधार पर राजेंद्र को चरस बेचने का धंधा करने का दोषी पाया। एडीजे संगीता राय सचदेव ने उसे तीन साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।