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एक माह से भी ज्यादा समय से अस्पताल में खड़ी नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट की तीन वैन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 01:12 AM IST
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Three vans of National Mobile Medical Unit standing in the hospital for more than a month
प्लेटलेट्स निकालने की मशीन बंद, मोबाइल मेडिकल यूनिट की तीन गाड़ियां भी नहीं चल रहीं
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पंजीकरण नहीं होने के कारण पिछले एक माह से भी ज्यादा समय से अस्पताल में खड़ी नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट की गाड़ियां
कैथल में पहुंची तीन गाड़ियों का नहीं हो रहा प्रयोग
गाड़ियों के जरिये किसी क्षेत्र में मौके पर जाकर लोगों को दी जा सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
किसी विशेष जगह पर प्रयोग में लाई जा सकती हैं गाड़ियां
फोटो-15
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लाखों रुपये खर्च कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। लेकिन इसके बावजूद भी कहीं न कहीं खामियां देखने को मिल ही जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग में लेट-लतीफी के कारण सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद लोगों को कई मशीनों व वाहनों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
एक ओर जहां प्लेटलेट्स निकालने की मशीन जिला अस्पताल में बंद पड़ी है। वहीं पंजीकरण न होने के कारण पिछले एक माह से भी ज्यादा समय से अस्पताल में नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट की गाड़ियां बिना प्रयोग के खड़ी हैं। ये तीन गाड़ियां अक्तूबर माह में अस्पताल में भेजी गई हैं। इनके माध्यम से शहरों व गांवों में लोगों के घर द्वार पर जाकर मौके पर ही जांच पड़ताल करने व दवाइयां देने की सुविधा गाड़ियों में है। यहां तक कि किसी मरीज का किसी सामान्य बीमारी के लिए रक्त का नमूना जांचना पड़ जाए तो यह सुविधा भी गाड़ियों में है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उपलब्ध करवाई गई हैं गाड़ियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोबाइल मेडिकल यूनिट की ये तीन गाड़ियां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से उपलब्ध करवाई गई हैं। अगर किसी स्थान पर किसी सामान्य बीमारी का प्रभाव ज्यादा हो तो वहां इन गाड़ियों को भेजकर लोगों के स्वास्थ्य जांच की जा सकती है। साथ ही जो लोग बार-बार अस्पतालों के चक्कर लगाने में समर्थ नहीं हैं, उन्हें भी इन गाड़ियों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य का लाभ मिल सकता है।
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इन गाड़ियों में चालक के अलावा चिकित्सक, एलटी, नर्सिंग स्टाफ व सहायक कर्मचारी मौके पर भेजे जाने की सुविधा है। किसी भी स्थान पर गाड़ियों को भेजते समय इन सभी को मौके पर भेजने की व्यवस्था है। इसके अलावा टीकाकरण जैसे कार्यों में भी इनका प्रयोग हो सकता है।

कई बार गांवों में जाकर चलाना पड़ता है अभियान
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि कई बार एक साथ कई कर्मचारी गांवों में जाकर स्वास्थ्य संबंधी अलग-अलग अभियान चलाते हैं। ऐसे मौकों पर ये गाड़ियां काफी सहायक हो सकती हैं। इनमें कई तरह के मेडिकल उपकरण लगे हुए हैं। साथ ही कर्मचारी भी जा सकते हैं। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि गाड़ियां अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण नहीं चल पाई हैं। इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही पंजीकरण हो जाएगा। उसके साथ ही इन गाड़ियों को प्रयोग में लाया जाएगा।
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