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Kaithal News: राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए तीन अध्यापकों का चयन
Tue, 29 Aug 2023 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 29 Aug 2023 12:54 AM IST
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कैथल। हरियाणा सरकार ने राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए जिले के तीन अध्यापकों को चुना है। इनमें एक अध्यापक गांव कैलरम व दो अध्यापक गांव सौंगल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से हैं। चयनित हुए सुशील कुमार, कृष्ण दत्त और बलबीर सिंह ने बच्चों की मेहनत व अपने माता-पिता को श्रेय दिया है। स्कूलों में खुशी का माहौल है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विज्ञान के लेक्चर सुशील कुमार ने बताया कि उन्हें विज्ञान क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2005 से बच्चों को शिक्षित करने की शुरुआत की थी। तब से आज तक हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं व 12वीं का उसके द्वारा पढ़ाए गए बच्चों का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। उन्होंने कहा कि वह अब तक बच्चों के साथ दो बार राष्ट्र स्तरीय कोलकाता व चेन्नई में विज्ञान प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। वहीं राज्य स्तर पर 15 बार विज्ञान प्रदर्शनी में भाग ले चुके हैं। स्वतंत्रता व गणतंत्रता दिवस पर भी उन्हें कई बार प्रशासन सम्मानित कर चुका है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगल के अध्यापक कृष्ण दत्त ने बताया कि उन्होंने 15 दिसंबर 2004 से गांव भाणा से बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत की थी। वह तब से ही पूरी लगन व मेहनत से बच्चों को पढ़ाते हैं। हर वर्ष उनके स्कूल के बच्चों का शत प्रतिशत परिणाम आता है। इसके बाद वर्ष 2016 में उनकी पदोन्नति हुई और वह लेक्चर बन गए। वह राजनीति शास्त्र विषय विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। उनके विषय में अधिकांश विद्यार्थियों के 100 में से 100 अंक आते हैं। वर्ष 2019-20 में कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में उनका स्कूल पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान पर रहा था। उन्होंने इसका श्रेय उनकी पत्नी, माता व पिता को दिया। उन्होंने कहा कि उसके माता पिता अनपढ़ हैं। जब वह कक्षा दसवीं में था तो उनकी शादी हो गई थी। उनकी पत्नी भी अनपढ़ है। उसके माता-पिता व उनकी पत्नी ने उनका पूरा सहयोग किया और उनको पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगल के अध्यापक बलबीर सिंह ने बताया कि 25 नवंबर 1997 को उन्होंने जेबीटी अध्यापक गांव हरसौला से शुरुआत की थी। उन्होंने गांव हरसौला में 12 वर्ष पढ़ाया। इन 12 वर्षो में उन्होंने बच्चों को खूब मेहनत करवाई। काफी बच्चों को उन्होंने तैयारी करवाकर जवाहर नवोदय में दाखिला करवाया। उसके द्वारा पढ़ाए हुए सैकड़ों की संख्या में बच्चे विभिन्न विभागों में कार्यरत है। इसके बाद उनकी वर्ष 2010 में गांव बलवंती में तबादला हो गया इसके साथ ही उनकी पदोन्नति हो गई। बलवंती में उन्होंने सात वर्ष तक बच्चों को खूब मेहनत कराई। खेलों में राष्ट्रीय स्तर व कल्चर प्रतियोगिता में राज्य स्तर तक बच्चों को पुरस्कार प्राप्त हुआ। यहां पर सात वर्ष पढ़ाने के बाद वर्ष 2016 में उनकी पदोन्नति हुई। इसके बाद वह गांव सौंगल में कार्यरत है। गांव सौंगल में उन्होंने बच्चों को मेहनत कराई। वर्ष 2018 में उनके स्कूल की छात्रा अन्नु पूरे हरियाणा में प्रथम रही। उन्होंने इसका श्रेय बच्चों की मेहनत, सौंगल, गुरुजनों व गांव सौंगल के पूरे स्टाफ सदस्यों को दिया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विज्ञान के लेक्चर सुशील कुमार ने बताया कि उन्हें विज्ञान क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2005 से बच्चों को शिक्षित करने की शुरुआत की थी। तब से आज तक हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं व 12वीं का उसके द्वारा पढ़ाए गए बच्चों का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। उन्होंने कहा कि वह अब तक बच्चों के साथ दो बार राष्ट्र स्तरीय कोलकाता व चेन्नई में विज्ञान प्रतियोगिता में भाग ले चुके हैं। वहीं राज्य स्तर पर 15 बार विज्ञान प्रदर्शनी में भाग ले चुके हैं। स्वतंत्रता व गणतंत्रता दिवस पर भी उन्हें कई बार प्रशासन सम्मानित कर चुका है।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगल के अध्यापक कृष्ण दत्त ने बताया कि उन्होंने 15 दिसंबर 2004 से गांव भाणा से बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत की थी। वह तब से ही पूरी लगन व मेहनत से बच्चों को पढ़ाते हैं। हर वर्ष उनके स्कूल के बच्चों का शत प्रतिशत परिणाम आता है। इसके बाद वर्ष 2016 में उनकी पदोन्नति हुई और वह लेक्चर बन गए। वह राजनीति शास्त्र विषय विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। उनके विषय में अधिकांश विद्यार्थियों के 100 में से 100 अंक आते हैं। वर्ष 2019-20 में कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में उनका स्कूल पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान पर रहा था। उन्होंने इसका श्रेय उनकी पत्नी, माता व पिता को दिया। उन्होंने कहा कि उसके माता पिता अनपढ़ हैं। जब वह कक्षा दसवीं में था तो उनकी शादी हो गई थी। उनकी पत्नी भी अनपढ़ है। उसके माता-पिता व उनकी पत्नी ने उनका पूरा सहयोग किया और उनको पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगल के अध्यापक बलबीर सिंह ने बताया कि 25 नवंबर 1997 को उन्होंने जेबीटी अध्यापक गांव हरसौला से शुरुआत की थी। उन्होंने गांव हरसौला में 12 वर्ष पढ़ाया। इन 12 वर्षो में उन्होंने बच्चों को खूब मेहनत करवाई। काफी बच्चों को उन्होंने तैयारी करवाकर जवाहर नवोदय में दाखिला करवाया। उसके द्वारा पढ़ाए हुए सैकड़ों की संख्या में बच्चे विभिन्न विभागों में कार्यरत है। इसके बाद उनकी वर्ष 2010 में गांव बलवंती में तबादला हो गया इसके साथ ही उनकी पदोन्नति हो गई। बलवंती में उन्होंने सात वर्ष तक बच्चों को खूब मेहनत कराई। खेलों में राष्ट्रीय स्तर व कल्चर प्रतियोगिता में राज्य स्तर तक बच्चों को पुरस्कार प्राप्त हुआ। यहां पर सात वर्ष पढ़ाने के बाद वर्ष 2016 में उनकी पदोन्नति हुई। इसके बाद वह गांव सौंगल में कार्यरत है। गांव सौंगल में उन्होंने बच्चों को मेहनत कराई। वर्ष 2018 में उनके स्कूल की छात्रा अन्नु पूरे हरियाणा में प्रथम रही। उन्होंने इसका श्रेय बच्चों की मेहनत, सौंगल, गुरुजनों व गांव सौंगल के पूरे स्टाफ सदस्यों को दिया।