{"_id":"6a46a921faab3d83650c4b13","slug":"three-hours-of-heavy-rain-made-the-weather-pleasant-kaithal-news-c-245-1-kht1013-151749-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: तीन घंटे की झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: तीन घंटे की झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना
विज्ञापन
छात्रावास रोड पर नाला खोलती जेसीबी। संवाद
कैथल। मानसून की पहली बारिश से वीरवार को गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। सुबह करीब तीन घंटे तक झमाझम बारिश हुई। जिले में औसतन 12.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक बारिश राजौंद क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई, जबकि सबसे कम बारिश ढांड में 7 मिमी दर्ज हुई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि राहत के साथ ही पहली ही बारिश से कई जगह पानी भर गया। समय रहते नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई नहीं होने के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भरा। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आठ बजे के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे जिससे तेज धूप नहीं निकली और मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश के दौरान शहर के कई मुख्य बाजार के नजदीक कबूतर चौक, छात्रावास रोड, नगर परिषद कार्यालय के सामने, अंबाला रोड, करनाल रोड व चौराहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो गई जिससे बारिश का पानी सड़क पर फैल गया। दोपहिया वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर सावधानी के साथ निकलना पड़ा, जबकि कई जगह वाहनों की रफ्तार धीमी होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी भरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ा।
विज्ञापन
राजेंद्र, मनोज व रामफल ने बताया कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं लेकिन पहली बारिश में ही जलभराव यह साबित कर देता है कि सफाई कार्य पूरी तरह प्रभावी नहीं रहा। लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित सफाई कराने की मांग की ताकि आगामी दिनों में होने वाली बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
धान रोपाई के कार्य में आएगी तेजी
बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि धान सहित खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित होगी। यदि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित बारिश होती रही तो सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी। धान रोपाई में भी तेजी आएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं और अगले कुछ दिनों तक बीच-बीच में बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। पांच दिन तक बारिश के आसार हैं।
राजौंद में सबसे अधिक बारिश दर्ज
राजौंद – 25 मिमी
गुहला – 19 मिमी
कैथल – 12 मिमी
सीवन – 11 मिमी
कलायत – 8 मिमी
पुंडरी – 8 मिमी
ढांड – 7 मिमी
-- -- -- --
छात्रावास रोड पर दोपहर को नगर परिषद ने जेसीबी से नाला खोला, दुकानदारों का बाहर रखा सामान भी अंदर रखवाया गया। दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि किसी भी दुकानदार का नाले पर सामान रखा हुआ मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -वरुण, एमई, नगर परिषद
विज्ञापन
हालांकि राहत के साथ ही पहली ही बारिश से कई जगह पानी भर गया। समय रहते नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई नहीं होने के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भरा। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आठ बजे के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे जिससे तेज धूप नहीं निकली और मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
बारिश के दौरान शहर के कई मुख्य बाजार के नजदीक कबूतर चौक, छात्रावास रोड, नगर परिषद कार्यालय के सामने, अंबाला रोड, करनाल रोड व चौराहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो गई जिससे बारिश का पानी सड़क पर फैल गया। दोपहिया वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर सावधानी के साथ निकलना पड़ा, जबकि कई जगह वाहनों की रफ्तार धीमी होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पैदल चलने वाले लोगों को भी पानी भरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ा।
विज्ञापन
राजेंद्र, मनोज व रामफल ने बताया कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं लेकिन पहली बारिश में ही जलभराव यह साबित कर देता है कि सफाई कार्य पूरी तरह प्रभावी नहीं रहा। लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित सफाई कराने की मांग की ताकि आगामी दिनों में होने वाली बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
धान रोपाई के कार्य में आएगी तेजी
बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि धान सहित खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित होगी। यदि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार संतुलित बारिश होती रही तो सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी। धान रोपाई में भी तेजी आएगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं और अगले कुछ दिनों तक बीच-बीच में बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। पांच दिन तक बारिश के आसार हैं।
राजौंद में सबसे अधिक बारिश दर्ज
राजौंद – 25 मिमी
गुहला – 19 मिमी
कैथल – 12 मिमी
सीवन – 11 मिमी
कलायत – 8 मिमी
पुंडरी – 8 मिमी
ढांड – 7 मिमी
छात्रावास रोड पर दोपहर को नगर परिषद ने जेसीबी से नाला खोला, दुकानदारों का बाहर रखा सामान भी अंदर रखवाया गया। दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि किसी भी दुकानदार का नाले पर सामान रखा हुआ मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -वरुण, एमई, नगर परिषद

छात्रावास रोड पर नाला खोलती जेसीबी। संवाद

छात्रावास रोड पर नाला खोलती जेसीबी। संवाद

छात्रावास रोड पर नाला खोलती जेसीबी। संवाद

छात्रावास रोड पर नाला खोलती जेसीबी। संवाद

छात्रावास रोड पर नाला खोलती जेसीबी। संवाद