{"_id":"6330bbb58f9bb419f12505eb","slug":"thousands-of-acres-of-paddy-cotton-and-millet-crop-damaged-due-to-rain-kaithal-news-knl122379999","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से हजारों एकड़ धान, कपास और बाजरा की फसल खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से हजारों एकड़ धान, कपास और बाजरा की फसल खराब
विज्ञापन
कैथल। रविवार को दिन का आगाज तेज बारिश के साथ हुआ। हालांकि बाद में बंद हो गई। इसके बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। बारिश की वजह से जिले में किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। पानी की अधिकता से हजारों एकड़ धान, कपास व बाजरा की फसल खराब हो गई है। फसल बर्बाद होने से किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। दूसरी ओर मंडियों में पड़ा हजारों क्विंटल धान भीग गया है। अब ढेरियों में भीगने वाले धान का नाममात्र दाम मिल रहा है। दूसरी ओर मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। रविवार को औसतन 38.42 एमएम बारिश हुई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रमेश चंद्र ने बताया कि अब आगामी दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश से धान, कपास व सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बदलते मौसम में बीमारियां आने का भी खतरा रहता है। सुबह व शाम को किसान खेतों का दौरा जरूर करें। हल्की सी बीमारी दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। उन्होंने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान 25 डिग्री से 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
जलभराव से हो रही दिक्कतें
बरसात से शहर व गांव की निचली कालोनियों में जलभराव हो गया है। लोगों को गांव की गलियों में कीचड़ जमा होने से निकलने में परेशानी हो रही है। करनाल रोड, ढांड रोड, छात्रावास रोड, भगत सिंह चौक, कमेटी चौक, करनाल रोड सहित शहर कई चौक पर बरसात से जलभराव हुआ है।
विज्ञापन
खांसी, जुकाम व बुखार से रहे सावधान- डॉ. संदीप
डॉ. संदीप ने बताया कि बरसात से मौसम में फेरबदल हो गया है। तापमान में अब गिरावट आएगी। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ेगी। बदलते मौसम में गर्म पानी का सेवन करें, ठंडी वस्तुओं से परहेज करें। बदलते मौसम में वायरल फीवर के मामले बढ़ते हैं। बुजुर्गों के साथ बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस मौसम में बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। खानपान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शारीरिक परेशानी होती है तो चिकित्सक से परामर्श लें।
बारिश का ब्योरा
कैथल- 18 एमएम
कलायत- 35 एमएम
गुहला- 60 एमएम
पूंडरी- 50 एमएम
राजौंद- 52 एमएम
सीवन- 36 एमएम
ढांड- 18 एमएम
स्पेशल गिरदावरी करवाकर सरकार किसानों को मुआवजा दें
सीवन। लगातार चार दिन हुई बरसात ने किसानों की धान, बाजरा, सब्जी की फसलों को तहस नहस करके रख दिया है। किसानों की धान खेत में बिछी हुई है व उसके ऊपर से पानी चल रहा है। किसानों ने महंगे बीज, खाद, दवाइयां, डीजल जला कर फसल को तैयार किया था, लेकिन उनकी सारी मेहनत और पैसा खराब हो गया है। समाजसेवी रोहताश सिसोदिया ने खेतों का दौरा भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को जल्द मुआवजा दें।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रमेश चंद्र ने बताया कि अब आगामी दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश से धान, कपास व सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बदलते मौसम में बीमारियां आने का भी खतरा रहता है। सुबह व शाम को किसान खेतों का दौरा जरूर करें। हल्की सी बीमारी दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। उन्होंने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक अधिकतम तापमान 25 डिग्री से 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
विज्ञापन
जलभराव से हो रही दिक्कतें
बरसात से शहर व गांव की निचली कालोनियों में जलभराव हो गया है। लोगों को गांव की गलियों में कीचड़ जमा होने से निकलने में परेशानी हो रही है। करनाल रोड, ढांड रोड, छात्रावास रोड, भगत सिंह चौक, कमेटी चौक, करनाल रोड सहित शहर कई चौक पर बरसात से जलभराव हुआ है।
विज्ञापन
खांसी, जुकाम व बुखार से रहे सावधान- डॉ. संदीप
डॉ. संदीप ने बताया कि बरसात से मौसम में फेरबदल हो गया है। तापमान में अब गिरावट आएगी। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ेगी। बदलते मौसम में गर्म पानी का सेवन करें, ठंडी वस्तुओं से परहेज करें। बदलते मौसम में वायरल फीवर के मामले बढ़ते हैं। बुजुर्गों के साथ बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस मौसम में बच्चों व बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। खानपान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शारीरिक परेशानी होती है तो चिकित्सक से परामर्श लें।
बारिश का ब्योरा
कैथल- 18 एमएम
कलायत- 35 एमएम
गुहला- 60 एमएम
पूंडरी- 50 एमएम
राजौंद- 52 एमएम
सीवन- 36 एमएम
ढांड- 18 एमएम
स्पेशल गिरदावरी करवाकर सरकार किसानों को मुआवजा दें
सीवन। लगातार चार दिन हुई बरसात ने किसानों की धान, बाजरा, सब्जी की फसलों को तहस नहस करके रख दिया है। किसानों की धान खेत में बिछी हुई है व उसके ऊपर से पानी चल रहा है। किसानों ने महंगे बीज, खाद, दवाइयां, डीजल जला कर फसल को तैयार किया था, लेकिन उनकी सारी मेहनत और पैसा खराब हो गया है। समाजसेवी रोहताश सिसोदिया ने खेतों का दौरा भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को जल्द मुआवजा दें।