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Kaithal News: फार्मास्यूटिकल साइंसेज में कॅरिअर पर रखे विचार
Fri, 21 Nov 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 21 Nov 2025 12:27 AM IST
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सम्मानित करते सदस्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा ‘फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज और क्लिनिकल रिसर्च में नए रोजगार अवसर’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में सदर्न इलिनॉय यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. वेंकट इक्कुर्थी ने इनमें कॅरिअर के संबंध में गुर बताए।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राजीव, डीन फ़ार्मेसी द्वारा स्वागत भाषण से हुई। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. (डॉ.) शमीम अहमद ने सफल आयोजन पर आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में शोध कार्य को बढ़ावा देकर आमजन के जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
डॉ. इक्कुर्थी ने अपने संबोधन में दवा विकास, क्लिनिकल ट्रायल्स, फ़ार्माकोविजिलेंस और मेडिकल डॉक्यूमेंटेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते करियर अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज़ और क्लिनिकल रिसर्च का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
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उन्होंने क्लिनिकल ट्रायल्स में डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग की बढ़ती आवश्यकता, दवाओं के विकास व परीक्षण में वैज्ञानिकों की भूमिका, चिकित्सा दस्तावेज़ीकरण में विशेषज्ञता तथा दवाओं के अनुमोदन और विनियमन में रोजगार संभावनाओं पर जानकारी दी। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. राजीव दहिया और विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार उपस्थित रहे।
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कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा ‘फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज और क्लिनिकल रिसर्च में नए रोजगार अवसर’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में सदर्न इलिनॉय यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. वेंकट इक्कुर्थी ने इनमें कॅरिअर के संबंध में गुर बताए।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राजीव, डीन फ़ार्मेसी द्वारा स्वागत भाषण से हुई। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. (डॉ.) शमीम अहमद ने सफल आयोजन पर आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों में शोध कार्य को बढ़ावा देकर आमजन के जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
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डॉ. इक्कुर्थी ने अपने संबोधन में दवा विकास, क्लिनिकल ट्रायल्स, फ़ार्माकोविजिलेंस और मेडिकल डॉक्यूमेंटेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते करियर अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज़ और क्लिनिकल रिसर्च का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
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उन्होंने क्लिनिकल ट्रायल्स में डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग की बढ़ती आवश्यकता, दवाओं के विकास व परीक्षण में वैज्ञानिकों की भूमिका, चिकित्सा दस्तावेज़ीकरण में विशेषज्ञता तथा दवाओं के अनुमोदन और विनियमन में रोजगार संभावनाओं पर जानकारी दी। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. राजीव दहिया और विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार उपस्थित रहे।