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Kaithal News: सिंचाई संसाधनों पर चोरों की नजर
Wed, 18 Feb 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। उपमंडल मुख्यालय के नजदीक स्थित खेतों में चोर गिरोह सक्रिय हो गया है। गिरोह अब तक किसान प्रदीप राणा के खेत में तीन अलग-अलग चोरियों को अंजाम दे चुका है। इन घटनाओं में चोरों का मुख्य निशाना सिंचाई से जुड़े संसाधन रहे हैं। प्रदीप राणा भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव राणा के भाई हैं, इसके बावजूद पुलिस अब तक किसी भी वारदात को ट्रेस नहीं कर सकी है।
किसान प्रदीप राणा ने बताया कि चोरी की यह शृंखला 16 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी। उस दिन खेत से दो मोनोब्लॉक मोटर चोरी कर ली गई थीं। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को चोरों ने दोबारा वारदात करते हुए बिजली के तार और ट्यूबवेल की ड्राइविंग प्रणाली पर हाथ साफ कर दिया। दोनों घटनाओं की शिकायत पुलिस को दी गई थी और मौके पर जांच भी की गई थी।
ताजा मामला मंगलवार सुबह सामने आया, जब खेत से ट्रांसफार्मर का सामान चोरी होने की जानकारी मिली। लगातार हो रही चोरियों से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिंचाई संसाधनों की चोरी से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
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प्रदीप राणा का कहना है कि हर बार चोरी की शिकायत पुलिस को दी गई और पुलिस ने मौका मुआयना भी किया, लेकिन अब तक किसी भी मामले में ठोस सफलता नहीं मिली। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और चोर गिरोह को जल्द पकड़ने की मांग की है। क्षेत्र के अन्य किसानों में भी इन घटनाओं को लेकर दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यदि समय रहते चोरियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
थाना प्रबंधक बलबीर सिंह ने बताया कि किसान के खेत से चोरी की सूचना फोन के माध्यम से प्राप्त हुई है। पुलिस द्वारा मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई मामलों में सफलता मिली है और शेष मामलों को ट्रेस करने के प्रयास तेज गति से जारी हैं।
वर्ष 2025 के दिसंबर माह में भी ऐसी ही चोरियों की घटनाएं हुई थीं। उपमंडल के खरक पांडवा गांव के एक साथ पांच किसानों के खेतों से ट्यूबवेल के तार चुरा लिए। पीड़ित किसानों ने बताया था कि रात में चोरों ने यह वारदात की थी।
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कलायत। उपमंडल मुख्यालय के नजदीक स्थित खेतों में चोर गिरोह सक्रिय हो गया है। गिरोह अब तक किसान प्रदीप राणा के खेत में तीन अलग-अलग चोरियों को अंजाम दे चुका है। इन घटनाओं में चोरों का मुख्य निशाना सिंचाई से जुड़े संसाधन रहे हैं। प्रदीप राणा भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव राणा के भाई हैं, इसके बावजूद पुलिस अब तक किसी भी वारदात को ट्रेस नहीं कर सकी है।
किसान प्रदीप राणा ने बताया कि चोरी की यह शृंखला 16 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी। उस दिन खेत से दो मोनोब्लॉक मोटर चोरी कर ली गई थीं। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को चोरों ने दोबारा वारदात करते हुए बिजली के तार और ट्यूबवेल की ड्राइविंग प्रणाली पर हाथ साफ कर दिया। दोनों घटनाओं की शिकायत पुलिस को दी गई थी और मौके पर जांच भी की गई थी।
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ताजा मामला मंगलवार सुबह सामने आया, जब खेत से ट्रांसफार्मर का सामान चोरी होने की जानकारी मिली। लगातार हो रही चोरियों से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिंचाई संसाधनों की चोरी से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
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प्रदीप राणा का कहना है कि हर बार चोरी की शिकायत पुलिस को दी गई और पुलिस ने मौका मुआयना भी किया, लेकिन अब तक किसी भी मामले में ठोस सफलता नहीं मिली। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और चोर गिरोह को जल्द पकड़ने की मांग की है। क्षेत्र के अन्य किसानों में भी इन घटनाओं को लेकर दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यदि समय रहते चोरियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
थाना प्रबंधक बलबीर सिंह ने बताया कि किसान के खेत से चोरी की सूचना फोन के माध्यम से प्राप्त हुई है। पुलिस द्वारा मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई मामलों में सफलता मिली है और शेष मामलों को ट्रेस करने के प्रयास तेज गति से जारी हैं।
वर्ष 2025 के दिसंबर माह में भी ऐसी ही चोरियों की घटनाएं हुई थीं। उपमंडल के खरक पांडवा गांव के एक साथ पांच किसानों के खेतों से ट्यूबवेल के तार चुरा लिए। पीड़ित किसानों ने बताया था कि रात में चोरों ने यह वारदात की थी।