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सरकार की नजर में आशाकर्मियों की मेहनत का सम्मान नहीं : ढांडा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने शनिवार को बयान जारी कर आशा कर्मियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार जनता से पूरी तरह कट चुकी है। यही वजह है कि किसी भी वर्ग से सरकार की बातचीत कामयाब नहीं होती है। आशा कर्मी यूनियन से सरकार की बातचीत का फेल होना ये बताता है कि सरकार की नजर में आशा कर्मियों की मेहनत का कोई सम्मान नहीं है। ढांडा ने बताया कि दो अक्तूबर को कैथल के गांव धनौरी में वे जनसभा को संबोधित करेंगे।
उन्होंने सरकार पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि आज प्रदेश में हर वर्ग हड़ताल पर है। मानो हरियाणा हड़ताल प्रदेश बन गया है। प्रदेश के मुखिया अहंकार में सरकार को चला रहे हैं। लोकतंत्र में किसी का भी इस तरह रवैया नहीं टिकता। आखिर में उनको हार का मुंह देखना ही पड़ेगा।
मनोहर सरकार आशाकर्मियों की मांगों को दबाने की कोशिश कर रही है। हरियाणा में 20 हजार आशा कर्मियों की हड़ताल को करीब तीन महीने होने वाले हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने आशा कर्मियों की मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया। एक तरफ जहां भाजपा महिलाओं की हितैषी पार्टी होने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार का आशा कर्मियों की सुनवाई न करके महिला विरोधी चेहरा साफ नजर आता है। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त से चल रही आशाकर्मियों की हड़ताल से जच्चा-बच्चा की देखभाल व टीकाकरण सहित आशा कर्मियों की ओर से किया जाने वाले सर्वे बुरी तरह प्रभावित है।
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कैथल। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने शनिवार को बयान जारी कर आशा कर्मियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार जनता से पूरी तरह कट चुकी है। यही वजह है कि किसी भी वर्ग से सरकार की बातचीत कामयाब नहीं होती है। आशा कर्मी यूनियन से सरकार की बातचीत का फेल होना ये बताता है कि सरकार की नजर में आशा कर्मियों की मेहनत का कोई सम्मान नहीं है। ढांडा ने बताया कि दो अक्तूबर को कैथल के गांव धनौरी में वे जनसभा को संबोधित करेंगे।
उन्होंने सरकार पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि आज प्रदेश में हर वर्ग हड़ताल पर है। मानो हरियाणा हड़ताल प्रदेश बन गया है। प्रदेश के मुखिया अहंकार में सरकार को चला रहे हैं। लोकतंत्र में किसी का भी इस तरह रवैया नहीं टिकता। आखिर में उनको हार का मुंह देखना ही पड़ेगा।
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मनोहर सरकार आशाकर्मियों की मांगों को दबाने की कोशिश कर रही है। हरियाणा में 20 हजार आशा कर्मियों की हड़ताल को करीब तीन महीने होने वाले हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने आशा कर्मियों की मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया। एक तरफ जहां भाजपा महिलाओं की हितैषी पार्टी होने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकार का आशा कर्मियों की सुनवाई न करके महिला विरोधी चेहरा साफ नजर आता है। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त से चल रही आशाकर्मियों की हड़ताल से जच्चा-बच्चा की देखभाल व टीकाकरण सहित आशा कर्मियों की ओर से किया जाने वाले सर्वे बुरी तरह प्रभावित है।
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