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पैरोल पर ऑटो जेनरेटेड सिस्टम बनाने की जरूरत : जस्टिस ललित

Tue, 20 May 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 20 May 2025 01:27 AM IST
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There is a need to create an auto-generated system on parole: Justice Lalit
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। सभी कैदियों को समय पर पैरोल मिले इसके लिए प्रदेश की सभी जेलों में ऑटो जेनरेटेड सिस्टम बनाने की जरूरत है। इसको लेकर वे जेल महानिदेशक से बातचीत करेंगे ताकि कोई ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जा सके, जिससे प्रत्येक कैदी को बिना देरी के पैरोल मिल सके। यह बात हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने कही।

वह सोमवार को जिला जेल के निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ आयोग के सदस्य कुलदीप जैन, सदस्य दीप भाटिया, डॉक्टर पुनीत अरोड़ा प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी हरियाणा मानव आयोग व रजिस्ट्रार मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि संबंधित कैदी को अप्लाई करने की जरूरत न पड़े, बल्कि जेल प्रबंधन अपने आप संबंधित को जानकारी दे कि अब पैरोल का समय आ गया है। यह प्रत्येक कैदी का मानव अधिकार है, कोई भी कैदी या बंदी इससे वंचित न रहे।
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हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने जिला जेल में मुलाकात कक्ष से लेकर सभी बैरक, अस्पताल, कैंटीन, वर्कशॉप, लॉन्ड्री, खाद्यान्न भंडारण तथा वीसी रूम आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कैदियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं जानी। जेल की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने संतुष्टि जाहिर की और कुछ दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अशोक कुमार, डीएसपी सुशील प्रकाश, नायब तहसीलदार जोगिंद्र धनखड़ सहित अन्य जेल स्टाफ मौजूद रहा।
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इससे पहले हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन, सदस्य दीप भाटिया ने पीडब्ल्यूडी विभाग के विश्राम गृह में डीसी प्रीति व एसपी आस्था मोदी से शहर की कानून व्यवस्था और आयोग की योजनाओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने डीसी व एसपी से कहा कि भीखवृत्ति पर रोक लगाने पर आवश्यक कदम उठाएं और उनका डाटाबेस तैयार करें। भीख मांगने के पीछे के कारणों का पता लगाएं और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में काम करें।


कैदियों की समय पर करवाएं काउंसलिंग

उन्होंने जेल अधीक्षक अशोक कुमार को निर्देश दिए कि सभी बंदियों व कैदियों की समय पर समय पर काउंसलिंग करवाई जाए। उन्होंने खाद्यान्न भंडारण को लेकर जमीन पर रैक व रसोई में जाली लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कैदियों के बनाए गए प्रोडक्ट को बेचने के लिए मार्केट तलाशने को लेकर जेल अधीक्षक को कहा। उन्होंने कहा कि पैरोल सभी का अधिकार है और नियमानुसार सभी को इसका लाभ मिलना चाहिए। कुछ अशिक्षित कैदियों को पता नहीं होता है कि यह उसका अधिकार है। जेल प्रबंधन संबंधित को बताएं कि वह कब और कितने दिन के लिए पैरोल पर जा सकता है। डीसी व एसपी को भी इस बारे में कहा गया है कि पैरोल से संबंधित प्रक्रिया 42 दिन के अंदर पूरी हो जाने चाहिए।
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