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Kaithal News: कैथल डिपो की कर्मशाला में है 204 स्वीकृत पद, इनमें से 117 पद खाली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 May 2025 12:12 AM IST
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There are 204 sanctioned posts in the workshop of Kaithal depot, out of which 117 posts are vacant
कैथल। रोडवेज विभाग की कर्मशाला इन दिनों कर्मचारियों की भारी कमी है। इस कारण से यहां का काम-काज प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से यहां कर्मचारियों की स्थाई भर्ती नहीं हुई है। प्रशिक्षकों के सहारे विभाग का कार्य चल रहा है। मुख्यालय के आदेशानुसार कैथल डिपो में एक वर्ष लिए पाॅलिटेक्निक व आईटीआई के विद्यार्थियों इंटर्नशिप लगाई जाती है। उन्हीं प्रशिक्षकों से काम चलाया जा रहा है।
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कर्मचारियों को काम के साथ आराम भी मिलता था और बसों की मरम्मत का कार्य भी ठीक होता था। अब गाड़ियां गंतव्य मार्ग पर पहुंचने से पहले की दम तोड़ रहीं है। इसका मूल कारण कर्मचारियों की कमी बताया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से लंबे समय से मैकेनिकों की स्थाई भर्ती नहीं की है। इस समय अधिकतर कर्मचारी ऐसे हैं जो बसों के स्पेयर पार्ट खोलने में शारीरिक रूप से असमर्थ है। बता दें कि रोडवेज की कर्मशाला में 204 स्वीकृत पद हैं इनमें से 117 पद खाली पड़े हैं। वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है।
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ये हैं पदों की संख्या :
पद स्वीकृत भरे खाली
मैकेनिक 46 17 29

इलेक्ट्रिशियन 07 04 03
कारपेंटर 08 03 05

ब्लैकस्मीथ 09 04 05

वेल्डर 03 01 02

पेंटर 04 01 03

अपहोलस्टर 02 00 02

टर्नर 01 00 01

रेडिएटर रिपेयर 03 00 03

सहायक मैकेनिक 20 00 20

सहायक इलेक्ट्रिशियन 08 00 08
सहायक टायरमैन 05 01 04

हेल्पर 41 25 16

स्टोरमैन 04 00 04
दिन और रात में अलग-अलग कर्मचारियों की लगती थी ड्यूटी

कर्मशाला में जिस समय सभी पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे। उस समय दिन में अलग और रात के समय अलग कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती थी। लंबे रूटों से देर रात बसें डिपो में आती थीं। इसके बाद बसों की सर्विस होती थी। इसके लिए रात को कर्मचारी नियुक्त किए जाते थे, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण काफी काम प्रभावित हो रहा है। आधे से ज्यादा कर्मचारियों की कमी से काम हो रहा प्रभावित
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डिपो महाप्रबंधक कमलजीत ने कहा कि मैकेनिकों की कमी को दूर करने के लिए आईटीआई व पाॅलिटेक्निक के विद्यार्थियों की समय-समय अप्रेंटिस लगाई जाती है। जिससे यहां पर किसी भी प्रकार से बसों को ठीक होने के कोई समय न लगे।
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