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Kaithal News: स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
Fri, 15 Aug 2025 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:48 AM IST
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के इतिहास विभाग की ओर से स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजवीर पाराशर ने की। उन्होंने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए विद्यार्थियों से उनके सपनों को साकार करने का आह्वान किया। डॉ. सीमा ने आजादी के संघर्ष को स्मरण कराते हुए युवाओं से निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी। संवाद
प्रो. डॉ. गीता गोयल ने स्वतंत्रता के बाद के नागरिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत एक कविता प्रस्तुत की जिससे माहौल राष्ट्र भावना से भर गया। डॉ. रघुवीर लांबा ने अपने वक्तव्य में प्रांतवाद और भाषावाद जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की बात कही। कार्यक्रम में डॉ. गुरदीप भोला, डॉ. एसपी. वर्मा, प्रो. अंजलि, डॉ. जयवीर धारीवाल, डॉ. विकास भारद्वाज, डॉ. अशोक अत्री, डॉ .अंकित मित्तल एवं डा. गौरव गोयल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेंद्र मलिक ने प्रभावशाली ढंग से किया। यह व्याख्यान माला विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, जिम्मेदारी और एकता के मूल्यों से जोड़ने का एक प्रभावी प्रयास रहा।
प्रो. डॉ. गीता गोयल ने स्वतंत्रता के बाद के नागरिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत एक कविता प्रस्तुत की जिससे माहौल राष्ट्र भावना से भर गया। डॉ. रघुवीर लांबा ने अपने वक्तव्य में प्रांतवाद और भाषावाद जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की बात कही। कार्यक्रम में डॉ. गुरदीप भोला, डॉ. एसपी. वर्मा, प्रो. अंजलि, डॉ. जयवीर धारीवाल, डॉ. विकास भारद्वाज, डॉ. अशोक अत्री, डॉ .अंकित मित्तल एवं डा. गौरव गोयल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेंद्र मलिक ने प्रभावशाली ढंग से किया। यह व्याख्यान माला विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, जिम्मेदारी और एकता के मूल्यों से जोड़ने का एक प्रभावी प्रयास रहा।
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