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Kaithal News: कॉलेजों में घट रही उच्च शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या
Thu, 02 Oct 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 02 Oct 2025 06:03 AM IST
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कपिल तंवर
कैथल। किसी भी देश के युवा विकसित राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसा तभी संभव हो पाता है जब उस देश की युवा पीढ़ी शिक्षित हो। समय के बदलाव के साथ अब उच्चतर शिक्षा की तरफ युवाओं का रुझान कम होता जा रहा है। वह जीवन में जल्दी सफलता प्राप्त करने के उद्देश्य से कोचिंग सेंटर और प्रोफेशनल कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
महाविद्यालयों में उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घट रही है। इसके अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले कुछ छात्र या तो बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं या फिर उच्चतर शिक्षा की बजाए अन्य प्रोफेशनल कोर्स को करने में रुचि दिखाते हैं।
एक निजी संस्थान से प्रोफेशनल कोर्स कर रहे युवा छात्र ने बताया कि उसने 12वीं कक्षा में ही यह निर्णय ले लिया था कि उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े टूल्स को सिखना है क्योंकि भविष्य के अंदर बेहतर करियर बनाने के लिए उसे एआई का ही सहारा लेना पड़ेगा। भविष्य की बेहतर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसने लंबी पढ़ाई से परहेज करके एआई के प्रोफेशनल कोर्स की तरफ रुख किया। एक अन्य छात्र ने बताया कि उसके पिता एक एकड़ जमीन पर खेती करते हैं और लंबी पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए अपने भविष्य में जल्दी सफल होने के लिए व जल्द सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए उसने बजाए उच्च शिक्षा के कोचिंग सेंटर की तरफ रुख किया। अब उसका सपना कोचिंग सेंटर से शिक्षा ग्रहण कर जल्द ही सरकारी नौकरी हासिल करना है। संवाद
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डॉ. भीम राव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय कैथल के प्राचार्य डॉ. मनोज के. भाम्भू ने बताया कि साल 2024-25 में प्रथम वर्ष में 506 बच्चों ने दाखिला लिया था। जबकि साल 2025-26 में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या 485 है। इस बार पिछले साल की तुलना में 21 बच्चों का अंतर है। जबकि पूरे कॉलेज के अंदर 42 बच्चों की संख्या कम हुई है। संवाद
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कैथल। किसी भी देश के युवा विकसित राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसा तभी संभव हो पाता है जब उस देश की युवा पीढ़ी शिक्षित हो। समय के बदलाव के साथ अब उच्चतर शिक्षा की तरफ युवाओं का रुझान कम होता जा रहा है। वह जीवन में जल्दी सफलता प्राप्त करने के उद्देश्य से कोचिंग सेंटर और प्रोफेशनल कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
महाविद्यालयों में उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या घट रही है। इसके अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले कुछ छात्र या तो बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं या फिर उच्चतर शिक्षा की बजाए अन्य प्रोफेशनल कोर्स को करने में रुचि दिखाते हैं।
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एक निजी संस्थान से प्रोफेशनल कोर्स कर रहे युवा छात्र ने बताया कि उसने 12वीं कक्षा में ही यह निर्णय ले लिया था कि उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े टूल्स को सिखना है क्योंकि भविष्य के अंदर बेहतर करियर बनाने के लिए उसे एआई का ही सहारा लेना पड़ेगा। भविष्य की बेहतर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसने लंबी पढ़ाई से परहेज करके एआई के प्रोफेशनल कोर्स की तरफ रुख किया। एक अन्य छात्र ने बताया कि उसके पिता एक एकड़ जमीन पर खेती करते हैं और लंबी पढ़ाई का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए अपने भविष्य में जल्दी सफल होने के लिए व जल्द सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए उसने बजाए उच्च शिक्षा के कोचिंग सेंटर की तरफ रुख किया। अब उसका सपना कोचिंग सेंटर से शिक्षा ग्रहण कर जल्द ही सरकारी नौकरी हासिल करना है। संवाद
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डॉ. भीम राव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय कैथल के प्राचार्य डॉ. मनोज के. भाम्भू ने बताया कि साल 2024-25 में प्रथम वर्ष में 506 बच्चों ने दाखिला लिया था। जबकि साल 2025-26 में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या 485 है। इस बार पिछले साल की तुलना में 21 बच्चों का अंतर है। जबकि पूरे कॉलेज के अंदर 42 बच्चों की संख्या कम हुई है। संवाद