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Kaithal News: पट्टेदारों ने जमीन का मालिकाना हक मांगा
Thu, 08 Feb 2024 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 08 Feb 2024 02:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आबादकार पट्टेदार संघर्ष समिति के बैनर तले पट्टेदारों ने जमीन के मालिकाना हक देने की मांग पर बुधवार को लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर पट्टेदारों ने सरकार से मांग की कि वे 1947 के देश के बंटवारे के तहत पाकिस्तान से आकर विस्थापित हुए हैं। इसके बावजूद उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है।
समिति के सदस्य मनजीत, अमनदीप, पवन, संत राम व अंग्रेज ने कहा कि उनके पूर्वजों ने बे-आबाद, कल्लर, जंगली, उबड़-खाबड़, बंजर जमीन को अपनी मेहनत से खेती योग्य बनाया है। कई सालों से इस जमीन के मालकाना हक पर हुए संघर्षों से सरकार ने तीन जनवरी 2008, 28 नवंबर 2010 व तीसरी बार 13 दिसंबर 2013 को अधि-सूचना जारी कर 99 वर्षीय पट्टे पर जमीन देने का प्रावधान किया।
मौजूदा सरकार ने भी किसान नेताओं से 12 सितंबर 2022 को व फिर 22 दिसंबर 2022 को व तीसरी बार जनवरी 2023 के विधान सभा सत्र में बिल लाकर स्थायी समाधान का वायदा किया, लेकिन यह पट्टा या मालिकाना हक नहीं मिला है। इसलिए उनकी मांग को पूरा करते हुए उन्हें जमीन का मालिकाना हक दिया जाए। इस मौके पर जिलेभर के पट्टेदार मौजूद रहे।
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कैथल। आबादकार पट्टेदार संघर्ष समिति के बैनर तले पट्टेदारों ने जमीन के मालिकाना हक देने की मांग पर बुधवार को लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर पट्टेदारों ने सरकार से मांग की कि वे 1947 के देश के बंटवारे के तहत पाकिस्तान से आकर विस्थापित हुए हैं। इसके बावजूद उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है।
समिति के सदस्य मनजीत, अमनदीप, पवन, संत राम व अंग्रेज ने कहा कि उनके पूर्वजों ने बे-आबाद, कल्लर, जंगली, उबड़-खाबड़, बंजर जमीन को अपनी मेहनत से खेती योग्य बनाया है। कई सालों से इस जमीन के मालकाना हक पर हुए संघर्षों से सरकार ने तीन जनवरी 2008, 28 नवंबर 2010 व तीसरी बार 13 दिसंबर 2013 को अधि-सूचना जारी कर 99 वर्षीय पट्टे पर जमीन देने का प्रावधान किया।
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मौजूदा सरकार ने भी किसान नेताओं से 12 सितंबर 2022 को व फिर 22 दिसंबर 2022 को व तीसरी बार जनवरी 2023 के विधान सभा सत्र में बिल लाकर स्थायी समाधान का वायदा किया, लेकिन यह पट्टा या मालिकाना हक नहीं मिला है। इसलिए उनकी मांग को पूरा करते हुए उन्हें जमीन का मालिकाना हक दिया जाए। इस मौके पर जिलेभर के पट्टेदार मौजूद रहे।
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