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Kaithal News: टटियाना बॉर्डर पर पहरा बरकरार, लोगों की कोई नहीं ले रहा सुध

Sun, 17 Mar 2024 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 17 Mar 2024 02:53 AM IST
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The guard remains intact on Tatiana border, no one is taking care of the people
संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। किसानों का आंदोलन चलते हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। किसानों और सरकार के बीच बातचीत ठप पड़ी है लेकिन टटियाना बॉर्डर पर पहरा बरकरार है। दूसरी ओर स्थानीय लोगों की कोई सुध नहीं ले रहा। राहगीरों को दिक्कतें हो रही हैं।

नतीजा, लोगों को पैदल ही जाना-आना पड़ रहा है। इससे उनके सफर का समय पांच गुना बढ़ गया है। किसान आंदोलन का आज 33 वां दिन रहा। शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर किसान संगठनों का आंदोलन जारी है। आंदोलन की सफलता और असफलता के तमाम दावे किए जा रहे है लेकिन क्या किसी ने इन बॉर्डर के करीब रहने वाले लोगों की समस्या को जाना? क्या किसी ने इन आम लोगों की परेशानी को समझा।
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हालांकि टटियाना बॉर्डर से दोनों राज्यों में आने वाले लोगों को थोड़ी परेशानी हो रही है। इसके अलावा टटियाना बॉर्डर और आसपास रहने वाले लोगों को भी आने जाने में परेशानी हो रही है। घग्गर नदी पुल पर टटियाना बॉर्डर बंद होने के कारण उन्हें यू टर्न के लिए काफी आगे तक जाना पड़ रहा है। कई लोगों को रास्ता बंद होने की सूचना नहीं है, ना ही रास्ता बंद होने का कोई साइन बोर्ड लगा है। इसलिए काफी लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। वहीं टटियाना बॉर्डर पर पुलिसकर्मी व आईटीबीपी जवान की तैनाती है। अभी तक किसानों के आने की कोई खास सूचना नहीं है। किसान और सरकार के बीच बातचीत ठप पड़ी है।
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दोनों तरफ से बार-बार कहा जा रहा है कि वे बातचीत को तैयार हैं लेकिन वार्ता के लिए कोई पहले हाथ आगे बढ़ाने को तैयार नहीं। लेकिन आंदोलन के बीच आई ये सवाल भी उठता है कि स्थानीय लोगों की परेशानी की कोई सुध लेने वाला नहीं है। मार्बल मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि उन सभी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।


पिछले दिनों आईं बाढ के दौरान भी हमारी दुकानें बंद थीं और अब टटियाना बॉर्डर बंद होने के कारण हमें फिर से घाटा हो रहा है। टटियाना बॉर्डर से दोनों राज्यों की तरफ जाने वाले पैदल यात्रियों को राहत मिली है। बता दे की चीका से बॉर्डर की तरफ जाने बस, ऑटो या मोटरसाइकिल को पहले बॉर्डर से एक किलोमीटर पीछे हांसी बुटाना नहर पर बैरिकेड लगाकर ही रोक दिया जाता था। परंतु अब प्रशासन ने पैदल यात्रियों के लिए थोड़ी सी ढील देकर बस ऑटो व मोटरसाइकिल को घग्गर नदी के ऊपर लगे टटियाना बॉर्डर तक जाने की परमिशन दे दी है। जिससे पैदल यात्रियों को आधा सफर बच गया है। विकलांगों बुजुर्गों औरतों को गर्मी से पैदल चलना मुश्किल हो गया था जिस कारण लोगों को यह राहत मिली है। टटियाना बॉर्डर बंद होने से दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण बसें ओ ने बॉर्डर पर ही अस्थायी बस अड्डा बन गया है। यात्रियों को खाने-पीने के लिए जूस व अन्य समान की रहेड़ियां बॉर्डर पर ही लगने लगी हैं।
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