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सरकार ने किए ग्रीन जोन वाले किसानों व कस्टम हायरिंग सेंटरों के आवेदन मंजूर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 12:42 AM IST
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The government approved the applications of green zone farmers and custom hiring centers
सरकार ने जिले में ग्रीन जोन वाले 138 गांवों के किसानों और कस्टम हायरिंग सेंटरों के आवेदनों को अनुदान के लिए स्वीकार कर लिया है। जिससे न केवल किसानों बल्कि कस्टम हायरिंग सेंटर संचालकों को भी राहत मिलेगी। पहले केवल रेड व येलो जोन में आने वाले लोगों के लिए अनुदान देने की बात कही गई थी। लेकिन जिन लोगों ने पराली कम जलाकर अपने क्षेत्र को ग्रीन जोन में लाया था, उन्हें अनुदान न मिलने की सूचना से लोगों में रोष था।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि गत सितंबर माह में जिला के किसानों ने डीसी से मिलकर ग्रीन जोन में आने वाले गांवों के किसानों व कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए अनुदान योजना को लागू करने का अनुरोध किया था। डीसी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में किसान क्लब के प्रधान महेंद्र सिंह रसीना द्वारा विशेष तौर पर ग्रीन जोन से संबंधित गांव के व्यक्तिगत किसानों व कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आवेदनकर्ताओं को अनुदान का लाभ देने का सुझाव दिया गया। इससे पहले सरकार के निर्णय के अनुसार अनुदान का लाभ केवल रेड व यैलो जोन वाले गांव से संबंधित आवेदनकर्ताओं को ही दिया जा रहा था।
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डीसी प्रदीप दहिया द्वारा ग्रीन जोन वाले किसानों को भी सरकार की योजना के तहत अनुदान का लाभ देने के लिए सरकार को पत्र भेजकर अनुरोध किया था। डीसी के सुझाव एवं अनुरोध को स्वीकार करते हुए अब सरकार द्वारा जिले के सभी ग्रीन जोन वाले 138 गांव के 257 व्यक्तिगत किसानों व 173 कस्टम हायरिंग सेंटर आवेदनों को अनुदान देने के लिए स्वीकार कर लिया गया है। चयनित व्यक्तिगत किसान व कस्टम हायरिंग सेंटर को हरियाणा सरकार द्वारा अधिकृत कृषि यंत्र निर्माताओं या उनके डीलर से कृषि यंत्र खरीदना होगा। साथ ही अन्य सभी नियमों की पालना करनी होगी।
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डीडीए ने बताया कि रेड, यैलो व ग्रीन जोन से संबंधित सभी व्यक्तिगत किसान व कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित आवेदक आवेदन पत्र के साथ आवश्यक कागजात जैसे ऑनलाईन आवेदन रसीद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता पासबुक, ट्रैक्टर की वैध आरसी (हरियाणा में पंजीकृत), मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण की रसीद, अनुसूचित जाति के लाभ के लिए जाति प्रमाण-पत्र, किसान या परिवार के पास कृषि योग्य जमीन के मालिकाना हक (किसान अपने पिता, माता, भाई, अविवाहित बहन व पत्नी की भूमि पटवारी से आवदेन पर तसदीक करवा सकता है) व कृषि निर्माता/डीलर द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए सभी कागजात जैसे निर्माता/डीलर द्वारा कृषि यंत्र का बिक्री बिल (दोहरी प्रति में), शपथ पत्र व कृषि यंत्र के साथ किसान का फोटो (जीपीएस लोकेशन सहित) 9 अक्तूबर तक सहायक कृषि अभियंता, कैथल के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।

डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि ग्रीन जोन वाले गांवों के किसानों की तरह से मांग रखी गई थी, जिसे मुख्यालय को भेजा गया था। इस पर हरियाणा सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है।
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