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Kaithal News: विदेश मंत्रालय की टीम जांचेगी रिकाॅर्ड
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कैथल। अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवाओं के मामले में एसपी राजेश कालिया ने विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें वापस लौटे युवाओं से मिलकर उनसे जानकारी ले रही हैं।
हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी युवा ने किसी एजेंट के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। वहीं सरकार की ओर से एसपी को डंकी के रास्ते विदेश भेजने वाले एजेंटों की सूची बनाने के आदेश जारी किए थे पर कैथल जिले में कोई भी अधिकृत एजेंट न होने की स्थिति में एजेंटों की सूची नहीं बनाई गई है।
जानकारी के अनुसार अब जल्द ही विदेश मंत्रालय भी जल्द ही घर वापस लौटे युवाओं का रिकॉर्ड जांचेगा। इसमें मंत्रालय की ओर से ये जानकारी जुटाई जाएगी कि वापस लौटे युवकों में से कोई विदेश जाने से पहले आपराधिक गतिविधियों में तो शामिल नहीं रहा। हालांकि मंत्रालय की ओर से की जा रही जांच के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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वहीं, इस बात भी की पुष्टि नहीं है कि आखिर मंत्रालय की टीम किस प्रकार से जांच करेगा। क्या वह अपने गुप्तचर विभाग के माध्यम से जांच करेगी या फिर कोई विशेष टीम भेजेगी।
बता दें कि एक दिन पहले ही वर्ष 2023 में अमेरिका गए मटौर गांव के युवक मलकीत को गोली मारने का दावा है। यह दावा उसके परिजनों ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो के आधार पर किया है। इस मामले में मलकीत ने परिजनों का कहना था कि बॉर्डर पर पहुंचने के बाद मलकीत को डोंकरों या वहां की पुलिस ने उसे गोली मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है अमेरिका से डिपोर्ट होने वाले लोगों में कैथल जिले की एक महिला सहित 11 युवकों के नाम शामिल है। इसमें एक युवक तो एक फरवरी को ही वापस लौट आया था। इसमें से एक युवक अंबाला में रहता है और एक महिला करनाल में विवाहित है। जबकि चार युवक दो दिन ही पहले ही वापस लौटे थे। अब बताया जा रहा है कि बचे हुए चार अन्य युवक आगामी 17 फरवरी को डिपोर्ट होंगे हैं।
इस मामले में डीएसपी सुशील प्रकाश का कहना है कि पुलिस को वापस लौटे युवाओं की ओर से एजेंटों के खिलाफ अब तक कोई शिकायत नहीं दी गई है। जैसे ही कोई शिकायत मिलेगी तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय की ओर से टीम के जांच करने के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है।
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हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी युवा ने किसी एजेंट के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। वहीं सरकार की ओर से एसपी को डंकी के रास्ते विदेश भेजने वाले एजेंटों की सूची बनाने के आदेश जारी किए थे पर कैथल जिले में कोई भी अधिकृत एजेंट न होने की स्थिति में एजेंटों की सूची नहीं बनाई गई है।
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जानकारी के अनुसार अब जल्द ही विदेश मंत्रालय भी जल्द ही घर वापस लौटे युवाओं का रिकॉर्ड जांचेगा। इसमें मंत्रालय की ओर से ये जानकारी जुटाई जाएगी कि वापस लौटे युवकों में से कोई विदेश जाने से पहले आपराधिक गतिविधियों में तो शामिल नहीं रहा। हालांकि मंत्रालय की ओर से की जा रही जांच के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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वहीं, इस बात भी की पुष्टि नहीं है कि आखिर मंत्रालय की टीम किस प्रकार से जांच करेगा। क्या वह अपने गुप्तचर विभाग के माध्यम से जांच करेगी या फिर कोई विशेष टीम भेजेगी।
बता दें कि एक दिन पहले ही वर्ष 2023 में अमेरिका गए मटौर गांव के युवक मलकीत को गोली मारने का दावा है। यह दावा उसके परिजनों ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो के आधार पर किया है। इस मामले में मलकीत ने परिजनों का कहना था कि बॉर्डर पर पहुंचने के बाद मलकीत को डोंकरों या वहां की पुलिस ने उसे गोली मार दी। जिससे उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है अमेरिका से डिपोर्ट होने वाले लोगों में कैथल जिले की एक महिला सहित 11 युवकों के नाम शामिल है। इसमें एक युवक तो एक फरवरी को ही वापस लौट आया था। इसमें से एक युवक अंबाला में रहता है और एक महिला करनाल में विवाहित है। जबकि चार युवक दो दिन ही पहले ही वापस लौटे थे। अब बताया जा रहा है कि बचे हुए चार अन्य युवक आगामी 17 फरवरी को डिपोर्ट होंगे हैं।
इस मामले में डीएसपी सुशील प्रकाश का कहना है कि पुलिस को वापस लौटे युवाओं की ओर से एजेंटों के खिलाफ अब तक कोई शिकायत नहीं दी गई है। जैसे ही कोई शिकायत मिलेगी तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय की ओर से टीम के जांच करने के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है।