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Kaithal News: किसान ने लगाई याचिका कोर्ट ने बनाया उत्तराधिकारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Aug 2025 01:25 AM IST
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The farmer filed a petition and the court made him his successor
कैथल। पूंडरी के एक कॉलोनी निवासी किसान ने माता व अविवाहित भाई की मौत होने के बाद अपने आप को चल व अचल संपत्ति का वारिस बनाने की याचिका लगाई थी। अब इस याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए उसे उत्तराधिकारी बनाया है। इसके साथ ही मृतक मां के खाते में पड़ी राशि को भी उसे जारी करने के आदेश जारी किए है। यह फैसला डॉ. अमन इंद्र सिंह की अदालत ने दिया है।
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अदालत में यह दी थी याचिका : पूंडरी के रोड़ मोहल्ला निवासी कश्मीरी लाल ने अदालत में दी गई याचिका में बताया था कि दर्शनी देवी पत्नी बलबीर निवासी गांव फतेहपुर, जिला कैथल, याचिकाकर्ता की मां थीं, जिनका वर्ष 2020 में में निधन हो गया था। उसका एक भाई संजीव कुमार भी था और वह अविवाहित थे। उसकी मृत्यु भी 2021 में एक अगस्त को हुई थी। उसकी मां दर्शनी देवी की मृत्यु बिना वसीयत के हुई। इसलिए वे अब अकेले ही वारिस बचे हैं। इसलिए वह चल और अचल संपत्ति प्राप्त करने के हकदार हैं।
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याचिका के अनुसार मां दर्शनी देवी का कोई अन्य कानूनी प्रतिनिधि नहीं है। एक लाख 20 हजार रुपये की राशि ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया है) के बचत बैंक के माध्यम से मां के नाम जमा है। इसलिए वे अपनी आजीविका के लिए बैंक खाते से उक्त राशि प्राप्त करना चाहता है और उपरोक्त खातों में जमा राशि प्राप्त करने के लिए उसे मां के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की सख्त आवश्यकता है। मां और भाई की मृत्यु बिना वसीयत के हुई है और उनकी संपत्ति का उत्तराधिकार भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधान की ओर से शासित होगा। इस प्रकार वह मां की जमा राशि के संबंध में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करने का हकदार है, जिनका पीएनबी बैंक में बचत खाता है। उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए किसी अन्य न्यायालय में कोई अन्य याचिका/आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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इसमें वर्तमान याचिका की सूचना प्रतिवादी को एक समाचार पत्र में प्रकाशन के माध्यम से दी गई थी, लेकिन, तामील के बावजूद प्रतिवादी की ओर से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ और परिणामस्वरूप 18 नवंबर 2024 को एकपक्षीय कार्यवाही की गई।

अदालत ने सभी गवाहों के आधार पर याचिकाकर्ता को उसकी मृतक मां दर्शनी की जमा राशि के संबंध में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करने का हकदार होने का फैसला किया। ऐसे में अब अदालत के निर्देशों के बाद याचिकाकर्ता बैंक से मां के खाते में जमा राशि प्राप्त करने का हकदार है।
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